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Palwal News: आश्वासन के बावजूद शुरू नहीं हुई शुगर मिल, रोष

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25 अक्टूबर तक करना था शुरू
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अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी, इस बार 38 लाख क्विंटल गन्ना उत्पादन का अनुमान

संवाद न्यूज एजेंसी

पलवल। पलवल शुगर मिल का संचालन शुरू नहीं होने से गन्ना उत्पादक किसानों में रोष है। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने 30 अक्तूबर को जिला उपायुक्त से मिलकर मिल जल्द शुरू कराने की मांग उठाने का निर्णय लिया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि इसके बाद भी मिल शुरू नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा।

किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि 19 अक्तूबर को किसान मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल और गन्ना उत्पादक किसानों ने उपायुक्त से मिलकर 25 अक्टूबर तक मिल चलाने की मांग की थी। उपायुक्त ने उसी दिन मिल का निरीक्षण कर जल्द संचालन शुरू कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक मिल शुरू नहीं हुई है। किसानों के अनुसार, मिल में देरी से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। गन्ने की कटाई के बाद गेहूं की बिजाई भी प्रभावित होती है।
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उत्तर प्रदेश में मिलों का संचालन शुरू
किसान बताते हैं कि गन्ने की तैयार फसल की कटाई समय पर होने से खाली खेतों में गेहूं की बिजाई की जा सकेगी। इससे जिले में गेहूं की खेती का रकबा 1,000 से 1,500 एकड़ तक बढ़ने की संभावना है। मिल देर से चलने पर गन्ने की कटाई और गेहूं की बिजाई का समय प्रभावित होता है। किसानों का कहना है कि उत्तर प्रदेश की कई शुगर मिलों में संचालन शुरू हो चुका है, जबकि पलवल में अब तक इंतजार करना पड़ रहा है। किसान नेताओं का कहना है कि मिल शुरू कराने के लिए किसानों को हर साल आंदोलन का सहारा लेना पड़ता है। पिछले वर्ष भी आंदोलन के बाद 25 नवंबर से मिल शुरू हुई थी। इस बार जिले में गन्ना उत्पादन का करीब 38 लाख क्विंटल तक रहने का अनुमान है। किसानों ने कहा कि मिल शुरू कराने की जिम्मेदारी प्रबंधन और जिला प्रशासन की है।

किसानों से बातचीत

मिल के समय पर शुरू नहीं होने से अगली फसल की तैयारी प्रभावित होगी। पिछले वर्ष भी देरी हुई थी। इस बार उत्पादन बढ़ने का अनुमान है। मिल जल्द चालू हो। - बाबू चौहान

उपायुक्त से मिलकर 25 अक्टूबर तक मिल शुरू कराने की मांग की थी। आश्वासन के बावजूद संचालन शुरू नहीं हुआ। 30 अक्टूबर को फिर मांग उठाएंगे। - महेंद्र चौहान, किसान नेता

गन्ने की कटाई के बाद गेहूं की बिजाई होती है। मिल देर से चलने पर खेत खाली करने में देरी होती है। इससे अगली फसल का समय बिगड़ता है। नुकसान उठाना पड़ता है। - गिर्राज शर्मा
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जिले में गन्ने का उत्पादन पर्याप्त है, लेकिन मिल संचालन में देरी से किसानों को परेशानी होती है। प्रशासन को समय रहते मिल शुरू करानी चाहिए, ताकि बिजाई प्रभावित न हो। - रामवीर चौहान
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