प्रदेश में छात्र संघ चुनाव पर लगी बंदिश खत्म होने की उम्मीद जाग गई है। प्रदेश सरकार ने कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव को हरी झंडी दिखाने का मन बना लिया है।
खुद इस बात की तस्दीक राज्य के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने सिरसा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की है। राजनीति में प्रवेश का रास्ता खोलने वाले इस चुनाव के अगस्त में होने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। इसको लेकर अभी से ही कॉलेजों में सरगर्मी शुरू हो गई है।
लोकतंत्र में लीडरशिप तैयार करने की पहली सीढ़ी कॉलेज में छात्र संघ चुनाव माने जाते हैं। करीब दो दशक से प्रदेश के कॉलेजों में चुनाव नहीं हो रहा है।
1996 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बंसीलाल ने चुनाव में लड़ाई-झगड़े को आधार मानते हुए प्रतिबंध लगा दिया था। इसके खिलाफ छात्र संगठनों ने आवाज बुलंद की लेकिन सरकार टस से मस नहीं हुई। हालांकि, छात्रों को वोट बैंक मानते हुए इनेलो, कांग्रेस और भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में छात्र संघ चुनाव बहाली को मुद्दा बनाती रहीं लेकिन सरकार गठन होने के बाद इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।
मौजूदा सरकार ने छात्र संघ चुनाव पर लगा बैरियर हटाने के संकेत देकर छात्र राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। सूत्रों की मानें तो सरकार शुरुआती तौर पर विश्वविद्यालय और बड़े कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव करा सकती है। वाईएमसीए तकनीकी विश्वविद्यालय होने के कारण यहां चुनाव होने की संभावना कम है लेकिन पंडित जवाहरलाल नेहरू कॉलेज में छात्र संघ चुनाव अगस्त में होने की संभावना जताई जा रही है।
चुनाव बहाली के संकेत मिलते ही कॉलेजों में राजनीतिक माहौल बनने लगा है। बैठकों का दौर शुरू हो गया है। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में जीतोड़ मेहनत करने वाले फरीदाबाद-गुडग़ांव के छात्र संगठनों में खुशी का माहौल है।