पलवल। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने रबी फसल के दौरान पराली के उचित प्रबंधन को लेकर किसानों से अपील की है। उन्होंने कहा कि वे फसल अवशेषों को जलाने की बजाय वैज्ञानिक तरीकों को अपनाएं। इससे पर्यावरण संरक्षण एवं भूमि की उर्वरता को बनाए रखा जा सके। उपायुक्त ने बताया कि पराली जलाने से न केवल वायु प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि मानव स्वास्थ्य और मिट्टी की गुणवत्ता पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए किसान पराली को जलाने के स्थान पर हैप्पी सीडर, सुपर एसएमएस, मल्चर, रोटावेटर जैसी आधुनिक मशीनों का उपयोग कर उसे मिट्टी में मिलाएं या अन्य उपयोग जैसे चारे एवं जैव ईंधन के रूप में प्रयोग करें। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जो किसान फसल अवशेष जलाते हुए पाए जाएंगे, उनके खिलाफ 30,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा तथा एफआईआर दर्ज की जाएगी। संवाद