कचरा प्रबंधन योजना के अंतर्गत जिले के 14 गांवों में ठोस व तरल कचरा प्रबंधन इकाइयां स्थापित की जाएंगी। इनमें से सात गांवों में तो कार्य पूर्णता की तरफ अग्रसर है, जबकि अन्य गांवों में भी कार्य प्रगति पर है।
स्वच्छ भारत मिशन की दिशा में गांवों को खुले में शौच करने से मुक्त किया जाना है। योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दो अक्तूबर 2014 को किया गया था। इस योजना के अंतर्गत केन्द्र सरकार द्वारा 75 प्रतिशत व राज्य सरकार द्वारा 25 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
योजना के तहत वर्ष 2015-16 के दौरान प्रदेश में 473 करोड़ रुपये की योजनाएं स्वीकृत हैं। ठोस-तरल कचरा प्रबंधन योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 1980 परियोजनाएं हैं। स्वच्छ हरियाणा-स्वच्छ भारत के अंतर्गत अंबाला, जींद, भिवानी, बहरामपुर, धनवापुर (गुड़गांव) तथा कैथल में मल उपचार संयंत्र लगाए गए हैं।
इन गांवों का हुआ था चयन
योजना को क्रियान्वित करने के लिए गांव गोहपुर, धीरनकी, कानौली, खोखियाका, सदरपुर, आमरू, सहराला, रतीपुर, टीकरी ब्राह्मण, पारोली, बाता, माहौली, अमरोली व लाडियाका को चुना गया था। इनमें से सात गांवों में प्रबंधन इकाइयां स्थापित करने के लिए शेड का निर्माण किया जा रहा है, जो कि शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। अन्य सात गांवों में शेड के निर्माण के लिए भूमि की तलाश की जा रही है। सभी गांवों में नालियों का निर्माण कार्य किया जा चुका है।
पलवल जिले के उक्त 14 गांवों का चयन किया गया था। इसी दिशा में वर्ष 2015-16 के लिए 56 और गांवों को इस योजना के लिए चुना गया है। योजना का प्रारूप सरकार को प्रेषित किया जा चुका है।
-अशोक कुमार शर्मा, डीसी, पलवल