- सरकार की मंजूरी के बाद टेंडर प्रक्रिया जारी, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग ने जिले के तीन गांवों खांबी, सोनधड और हथीन में ग्राउंड माउंटेड सोलर पावर प्लांट लगाने की मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं पर 3.61 करोड़ रुपये लागत आएगी। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति की जा सकेगी। सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को हरी झंडी दे दी है। सरकार द्वारा जारी टेंडर प्रक्रिया 3 मार्च 2025 तक पूरी कर ली जाएगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यक कागजी कार्रवाई कर जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर सरकारी बिजली पर निर्भरता कम करना और बिजली खर्च में कटौती करना है।
क्या होगा निर्माण?
सरकार द्वारा जारी टेंडर के अनुसार, प्रत्येक स्थान पर 2.50 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में ग्राउंड माउंटेड सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जाएगा।
खांबी गांव – 120.34 लाख रुपये की अनुमानित लागत
सोनधड गांव – 120.33 लाख रुपये की अनुमानित लागत
हथीन – 120.33 लाख रुपये की अनुमानित लागत
बिजली बिल में संभावित कटौती
एक अनुमान के मुताबिक, सोलर पावर प्लांट्स की स्थापना से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के बिजली बिल में 50-60% तक की कमी आ सकती है। इससे सरकारी खर्च में बड़ी बचत होगी और यह धनराशि अन्य विकास कार्यों में लगाई जा सकेगी।
लोगों को मिलेगा यह लाभ
1. कम ऊर्जा लागत : सोलर पावर प्लांट्स से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स को चलाने में सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा। जिससे सरकारी बिजली पर निर्भरता कम होगी और बिजली खर्च घटेगा।
2. पर्यावरण संरक्षण : यह परियोजना पर्यावरण को सुरक्षित रखने में सहायक होगी। सौर ऊर्जा से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता घटेगी।
3. स्थानीय रोजगार : निर्माण और रखरखाव के दौरान स्थानीय श्रमिकों को रोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे आर्थिक लाभ होगा।
4. गांवों का विकास : सौर संयंत्रों से मिलने वाली अतिरिक्त ऊर्जा का उपयोग अन्य ग्रामीण परियोजनाओं में किया जा सकेगा, जिससे स्थानीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
हरित ऊर्जा नीति को मिलेगा बढ़ावा
सरकार राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है। यह परियोजना भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी सौर ऊर्जा को अपनाने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य तेजी से शुरू कर दिया जाएगा। जिले में तीन स्थानों पर बनने वाले सोलर पावर प्लांट्स न केवल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देंगे, बल्कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को भी नई दिशा मिलेगी। इस परियोजना से स्थानीय लोगों को सस्ती और टिकाऊ बिजली मिलेगी, जिससे दीर्घकालिक रूप से आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ होंगे।
वर्जन
गुणवत्तापूर्ण कार्यों से विकास को नई गति मिलेगी। जिले में हर परियोजना की गुणवत्ता सुनिश्चित कर विकास कार्यों को पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा रहा है। डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ, उपायुक्त