भू और जल संरक्षण के लिए सामाजिक संस्थाएं आएं आगे,
पलवल। गांव रूंधी में आयोजित किसान गोष्ठी में कृषि विशेषज्ञ डॉ. महावीर सिंह मलिक ने कहा कि भू और जल संरक्षण करना समय की मांग है। जल अनंत नहीं है। पानी कम है तथा आवश्यकता बढ़ती जा रही है। जल के बिना खेती, पशुपालन, उद्योग तथा जीवन संभव है। आज जल संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास किया जाना बेहद जरूरी है।
डॉ.मलिक ने कहा कि सामाजिक, धार्मिक और स्वयंसेवी संस्थाओं को आगे आकर अभियान चला लोगों को भू एवं जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भूमि में कार्बनिक खाद न डालने और रासायनिक उर्वरकों के बेतहासा प्रयोग से भूमि की उपजाऊ शक्ति घटी है। इसके अलावा वर्षा कम होने, जंगलों के स्थान पर सड़क, भवन व कंकरीट का जंगल खड़े होने तथा नलकूपों द्वारा भूमिगत जल का अत्यधिक दोहन होने से जल का स्तर गिरता जा रहा है। कहीं किसान सेम की समस्या से जूझ रहे हैं तथा कहीं सूखे की मार झेल रहे हैं। डॉ. मलिक ने कहा कि वर्षा जल का ज्यादा से ज्यादा संरक्षण करना चाहिए। पानी को व्यर्थ न बहने दें। नए तालाब खुदवाएं तथा पुराने तालाबों की खुदाई करवाएं। किसान कम पानी खपत करने वाली फसल उगाएं। भूमि को समतल कराएं तथा नाली, फव्वारा व टपका प्रणाली से सिंचाई करें। अध्यक्षता प्रगतिशील किसान परमो पंच ने की, जबकि संचालन राजकुमार व प्रकाश चंद ने किया। इस अवसर पर किशन, गुरुदत्त, जयदेव, नत्थीराम, प्रवीण, अशोक, विकल कुमार, रोहित, नारायण, सचदेव, काशीराम, परमानंद, सोमदत्त, जगदीश, मोनू, शिवनारायण, लोकेश, धर्मवीर, व मनोज मौजूद थे।