ईस्टर्न पेरीफेरल कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी ) एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। मोहना गांव से लेकर पलवल केएमपी तक 22 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे के निर्माण पर 700 करोड़ की लागत आएगी। कार्य की समय-सीमा 25 माह रखी गई है।
निर्माण कार्य में लगी गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि कंपनी को कार्य में कहीं-कहीं किसानों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इसके पीछे किसानों को मिले मुआवजे को लेकर रोष है। शीघ्र ही इसके समाधान की उम्मीद है।
एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य को तेजी देने के लिए कंपनी ने अपनी यूनिट लगा दी है और सड़क बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। एक्सप्रेस वे के निर्माण के दौरान लिंक मार्ग, पुलिया व ब्रिज बनाने का कार्य भी किया जाएगा। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार गांव किठवाडी के निकट एक बेस कैंप बना दिया गया है।
जहां पर साइट ऑफिस पब्लिकेशन यार्ड बनाया गया है। इसके अलावा एक लेबोरेटरी सेटअप लगाया गया है। जहां पर कंकरीट की मिक्सिंग कर उसकी गुणवत्ता जांची जाएगी। प्लांट के अंदर ही ब्रिज तैयार किए जाएंगे। एक्सप्रेस वे का कार्य पूरी गुणवत्ता के आधार पर किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार सरकार ने एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहण की गई जमीन का मुआवजा किसानों को दे दिया है। कहीं-कहीं मुआवजा राशि को लेकर किसानों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन जहां जगह पूरे तरीके से मिल रही है, वहां कार्य तेज गति से किया जा रहा है। गांव जलहाका व छज्जूनगर के समीप लगभग पांच किलोमीटर के क्षेत्र में कार्य पूर्ण रूप से चल रहा है।