पलवल। तीन जून को असम के जोरहाट से अरूणांचल के मेनचुका के लिए उड़ान भरने वाले इंडियन एयरफोर्स के लापता हुए एएन-32 विमान का मलबा मिलने के बाद लेफ्टिनेंट पायलट आशीष तंवर के शहीद होने की सूचना मिलने के बाद से ही उनके हूडा सेक्टर दो स्थित घर पर शोक प्रकट करने वालों का तांता लगा हुआ है। जिसे भी इस बारे में जानकारी मिल रही है, वही शहीद के घर पर पहुंच रहा है।
वहीं पूरे दिन राजनैतिक दलों के नेता व अधिकारी इस बारे में जानकारी लेते रहे कि शहीद का पार्थिव शरीर कब तक पलवल पहुंचेगा। देर शाम बताया गया कि अभी शहीद आशी तंवर के पार्थिव शरीर को लेकर वहां से नहीं नहीं चला गया है। उधर परिवार के लोगों का खासकर मां का रो-रोकर बुरा हाल है। जो लोग पिछले 10 दिनों से शहीद आशीष तंवर के सकुशल लौटने की सांत्वना देने पहुंच रहे थे, वही आज वहां उनके घर पर शोक प्रकट करने आ रहे हैं।
बता दे कि तीन जून को एएन 32 विमान ने असम के जोरहाट से अरूणाचल के मेनचुका के लिए उड़ान भरी थी। जिसका करीब आधे घंटे बाद ही संपर्क टूट गया था। विमान में पलवल निवासी आशीष तंवर सहित 13 जवान सवार थे। उसी दिन से एयरफोर्स सर्चिंग अभियान में जुटी हुई थी। मंगलवार 11 जून को सर्च दल में शामिल हेलीकॉप्टर ने शियांग जिले में विमान को देखा था, लेकिन ईंधन खत्म होने के बाद वे वापस लौट आए थे। बुधवार सुबह से ही सर्च दल में शामिल जवानों ने अभियान शुरू कर दिया, परंतु देर शाम तक भी वे मौसम खराब होने के कारण विमान तक नहीं पहुंच पाए। बृहस्पतिवार को सर्च अभियान दल ने विमान तक पहुंच कर सभी 13 जवानों के शहीद होने की पुष्टि की है।