कायाकल्प की क्वालिटी असेसमेंट टीम ने सफाई, संक्रमण नियंत्रण, मरीजों की सुविधाओं और बायोमेडिकल वेस्ट व्यवस्था जांची
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल।
जिला नागरिक अस्पताल में सोमवार को कायाकल्प की क्वालिटी असेसमेंट टीम ने करीब चार घंटे तक स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। गुरुग्राम से आई टीम ने अस्पताल के विभिन्न विभागों में पहुंचकर सफाई, संक्रमण नियंत्रण, मरीजों की सुविधाओं और बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था जांची। इमरजेंसी वार्ड में पंखे पर धूल मिलने पर टीम ने नाराजगी जताते हुए सफाई व्यवस्था बेहतर रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कई छोटी-बड़ी खामियां मिलीं।
टीम में डॉ. सुषमा यादव, नर्सिंग ऑफिसर दीप्ति और रश्मि शामिल रहीं। निरीक्षण के दौरान टीम ने नर्सिंग स्टेशन, स्टोर रूम, पंजीकरण काउंटर, इमरजेंसी, सुरक्षा व्यवस्था और बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण स्थल का भी जायजा लिया।
एक मरीज के बाद बदला जाए नेबुलाइजर मास्क
निरीक्षण के दौरान टीम ने नेबुलाइजर मशीन की व्यवस्था भी जांची। टीम ने नर्सिंग स्टाफ से नेबुलाइजर मास्क के इस्तेमाल के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि एक मरीज के इस्तेमाल के बाद नेबुलाइजर मास्क को बदल दिया जाए। टीम ने बताया कि एक ही मास्क को दोबारा इस्तेमाल करने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
अस्पताल के पिछले हिस्से में घास की नियमित कटाई के निर्देश
कायाकल्प टीम ने अस्पताल परिसर के पिछले हिस्से का भी निरीक्षण किया। यहां उगी घास को देखते हुए टीम ने अस्पताल प्रबंधन को समय-समय पर घास की कटाई कराने और परिसर को साफ-सुथरा रखने के निर्देश दिए। कायाकल्प टीम की सदस्य डॉ. सुषमा यादव ने बताया कि निरीक्षण के दौरान मिली कमियों की जानकारी अस्पताल प्रबंधन को दे दी गई है। निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय और शासन को भेजी जाएगी।
जिला सिविल सर्जन डॉ. सतिंद्र वशिष्ठ ने बताया कि कायाकल्प योजना में बेहतर प्रदर्शन और अच्छे अंक मिलने पर अस्पताल को पुरस्कार मिल सकता है। 200 बेड के जिला नागरिक अस्पताल को एनक्यूएएस मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।