सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल के चलते बंद व खाली पडे़ डॉक्टरों के कमरे
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जिले के सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों की सामूहिक हड़ताल के चलते मरीज बेहाल रहे। मरीज घंटों तक डाक्टरों की खाली कुर्सियों को निहारते रहे। इन दिनों जिले में वायरल व मलेरिया का प्रकोप है।
इसलिए अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी ज्यादा थी। कुछ मरीजों ने तो तबियत ज्यादा खराब होने पर निजी अस्पतालों का रुख कर लिया है। डाक्टर निर्धारित समय के बाद भी घंटों तक अपने सीट पर नहीं बैठे, जिससे मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
डॉक्टर एसोसिएशन के आह्वान पर मंगलवार को पूरे प्रदेश भर के डाक्टरों ने सुबह आठ बजे से 10 बजे से सामूहिक हड़ताल की घोषणा की थी। जिले के पलवल, होडल, हथीन, हसनपुर के नागरिक अस्पतालों के अलावा सामुदायिक और प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों के डाक्टर हड़ताल पर रहे। डाक्टर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों, सेवानिवृत्ति की बढ़ाई गई 65 वर्ष उम्र, पोस्टमार्टम व एमएलआर काटने की लिए बढ़ाई गई राशि की घोषणा को जल्द लागू करने जैसे कई अन्य की मांग कर रहे हैं।