कहते हैं कि यदि व्यक्ति कुछ करने की ठान ले तो सारी कायनात उसकी मदद करने को उसके साथ आ जाती है। कला संकाय में जिले में टॉप करने वाली सहर सिद्दकी पर यह बात बिल्कुल सटीक बैठती है। बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपनी पढ़ाई का खर्चा निकालने वाली सहर भविष्य में आईएस बनकर देश की सेवा करना चाहती है।
बुधवार को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा बारहवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। जिसमें जीवन ज्योति स्कूल की छात्रा सहर सिद्दकी ने आर्ट संकाय में 500 में 475 (95 प्रतिशत) अंक हासिल कर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपने माता-पिता और स्कूल का नाम रोशन किया। छात्रा सहर की इस उपलब्धि पर स्कूल प्रबंधक विरेंद्र गहलौत ने बृहस्पतिवार को सहर का स्वागत किया।
चार भाई बहनों में तीसरे नंबर की सहर के पिता मोहम्मद शाकिर मोटर मैकेनिक व जनरल स्टोर चलाते हैं। मां फरजादी गृहणी हैं। सहर के अनुसार वह स्कूल से शाम साढ़े तीन बजे घर पहुंचती थीं। 30 मिनट आराम करके चार बजे से छह बजे तक आठवी कक्षा तक के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती हैं, और रात को आठ बजे से 12 बजे तक अपनी पढ़ाई को पूरा करती हैं।
सहर ने बताया कि बचपन से उसका लक्ष्य आईएएस बनकर देश सेवा करना है और कक्षा आठवीं में उन्होंने अपना लक्ष्य निर्धारित कर लिया था। सहर आईएएस की तैयारी भी कर रही हैं।