हसनपुर खंड कार्यालय में कर्मचारियों के वेतन व विकास कार्यों की राशि में गबन का आरोप संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। हसनपुर खंड कार्यालय में 16.26 करोड़ रुपये का घोटाला किए जाने का मामला सामने आया है। यह राशि ग्रामीण चौकीदार, टूयबवैल आपरेटर, ईपीएफ, सफाई कर्मचारी के वेतन व विकास कार्यों सहित अन्य मदों के लिए आवंटित की जानी थी। मामले में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी प्रवीण कुमार ने हसनपुर थाना पुलिस को शिकायत दी थी। घोटाले की जांच अब जिला पुलिस की आर्थिक शाखा को सौंपी गई है। एंटी करप्शन ब्यूरो को भी मामले की जांच के लिए शिकायत भेजी गई है।
जानकारी के अनुसार खंड विकास एवं पंचायत विभाग की तरफ से पिछले साल सितंबर में अलग-अलग मदों में दिए जाने के लिए 16.26 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी। इस राशि को मैन पावर सर्विस उपलब्ध करवाने वाली एक कंपनी मालिक के निजी बैंक खाते में ट्रांसफर किया गया था। ट्रांसफर होने के बाद इस राशि की बंदरबांट हो गई और सही जगह राशि नहीं पहुंची। करीब तीन महीने बाद इस बारे मे जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी ने ब्यौरा मांगा तो इसका खुलासा हुआ।
आनन-फानन में पिछले साल 26 दिसंबर को हसनपुर थाना पुलिस को खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी प्रवीण कुमार ने शिकायत दी। हसनपुर थाना पुलिस के कहने पर खंड विकास एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों ने रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करवाया। घोटाला राशि अधिक होने के कारण हसनपुर थाना पुलिस ने जांच के लिए शिकायत नौ जनवरी को आर्थिक जांच शाखा पुलिस को भेज दी। मामले की जांच अब आर्थिक जांच शाखा इंचार्ज इंस्पेक्टर संजीव कुमार यादव कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच शुरू कर दी गई है और सभी संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर राशि का ब्यौरा व रिकॉर्ड मांगा जाएगा। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी की तरफ से एक लिपिक के खिलाफ शिकायत दी गई है। वहीं, पुलिस इस मामले में पांच अधिकारियों और कर्मचारियों को आरोपी मान रही है।
16.26 करोड़ रुपये के घोटाला का खुलासा हुआ है। इस घोटाला की जांच कर मुकदमा दर्ज करने और राशि की रिकवरी के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो को पत्र लिखा गया है। पंचायत विभाग कार्यालय में हुए इस घोटाले को पूरी तरह से उजागर करने के लिए रिकॉर्ड का ऑडिट किया जा रहा है। -उपमा अरोड़ा, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी