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Palwal News: एसवीएसयू के मॉडल की सरपंचों ने की सराहना

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20 गांवों के सरपंचों, पंचों और प्रतिनिधियों ने जर्मनी के मॉडल के तहत हो रही पढ़ाई को समझा
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय ने स्किल से युवाओं का भविष्य बनाने का संकल्प लिया है। यहां जर्मनी के मॉडल के आधार पर पढ़ाई होती है। देश के पहले कौशल विश्वविद्यालय ने जर्मनी मॉडल को अपनाते हुए इसे भारत के अनुकूल बनाया है। यहां टीचिंग-लर्निंग का सबसे सशक्त इकोसिस्टम विकसित हुआ। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार सोमवार को 20 गांवों के सरपंचों, पंचों और प्रतिनिधियों की सभा को संबोधित कर रहे थे।
गांव से आए सरपंचों ने श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय मॉडल को समझा और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बनी एडवांस लैब का अवलोकन किया। लैब की कार्यप्रणाली देख सभी सरपंचों ने श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के इस मॉडल की सराहना की। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने सरपंचों और गांव के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वह अपने बच्चों को सही दिशा में लेकर जाएं और कौशल आधारित शिक्षा के साथ जोड़कर उन्हें स्वावलंबी और सशक्त बनाएं।
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इस सभा में दुधौला गांव के सरपंच सुनील कुमार, पृथला के सरपंच के प्रतिनिधि के रूप में मांगे राम कटारिया, धतीर के सरपंच दुष्यंत डागर, नगला भीखू के सरपंच केहर सिंह, अल्लिका के सरपंच सतबीर सिंह, लाड़िया के सरपंच दिनेश शर्मा, नांगल ब्राह्मण के सरपंच जितेंद्र, सरपंच राकेश कुमार, यादूपुर गांव के पूर्व सरपंच वीरेंद्र सिंह, कारना के पूर्व सरपंच हरिकृष्ण, डीपी वेदपाल सिंह व हरज्ञान नंबरदार सहित कई अन्य गांवों के सरपंच, पूर्व सरपंच, पंच एवं नंबरदार भी शामिल रहे।
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