पलवल/होडल। जिला प्रशासन द्वारा सल्लागढ़ स्थित संत रविदास धर्मशाला में शनिवार को संत रविदास जयंती मनाई गई। इस अवसर पर चंडीगढ़ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास ने मानव कल्याण व समाज सुधार का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। संत किसी जाति-धर्म के नहीं होते, बल्कि समाज के होते हैं। उनकी रचनाओं में सामाजिक समरसता व आपसी प्रेम व सद्भाव का स्पष्ट संदेश था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगों को गुरु रविदास के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए व मानव कल्याण के उनके संदेश को चरितार्थ करना चाहिए। वे 15वीं शताब्दी में भी सभी का समान विकास का संदेश देते थे। हरियाणा सरकार का भी प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति की सालाना आय कम से कम 1 लाख से अधिक हो। होडल विधायक जगदीश नायर ने कहा कि संत रविदास ने समाज की बुराइयों को दूर करके सहनशीलता व आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने का संदेश दिया। सरकार का उद्देश्य पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति को भी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं व सेवाओं का लाभ प्रदान करना है।
पृथला विधायक नयनपाल रावत ने कहा कि संत रविदास ने छूआछूत को समाप्त करने के लिए कदम उठाया था और देश को नई दिशा देने का कार्य किया। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व प्रदेश के मुख्यमंत्री मन ोहरलाल ने सभी महापुरुषों को याद करने के लिए उनकी जयंती मनाने का संकल्प लिया है। इस मौके पर एसडीएम पलवल कंवर सिंह, नगराधीश अंकिता अधिकारी, आशावती, शीतलदास, संत रविदास धर्मशाला पलवल के प्रधान राम नारायण आदि मौजूद रहे।
संत रविदास जयंती मनाई
उधर, पुराना जीटी रोड स्थित अंबेडकर भवन में शनिवार को दलित वर्ग कल्याण समिति के तत्वावधान में संत रविदास जयंती मनाई गई। पूर्व विधायक एवं समिति के प्रधान उदयभान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने, देवेश कुमार, खेमचंद, करण सिंह, बीर सिंह, डॉ. सुरेशचंद, श्रीचंद कैन, पूरनलाल, डॉ. रामप्रसाद, राजेंद्र नम्बरदार, पृथ्वी, गोविंदराम, अशोक कुमार, रतनलाल, राजकुमार, रमेश फौजी, राजू, कुलदीप ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि संत गुरु रविदास ने हमेशा अहंकार का विरोध किया था। जनमानस में व्याप्त अंधविश्वास को दूर कर लोगों को रचनात्मक कार्यों से जोड़ा। इस अवसर पर विभिन्न वार्डों के पार्षदों के अलावा आसपास के गांवों ने एकत्रित लोगों ने संत रविदास को याद किया। संवाद