शहर के अलावा तीन गांवों कोट, उटावड़ व मढनाका में जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से चार आरओ प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इससे लोगों को मीठा पानी मिलने लगेगा। इसके लिए उन्हें कैश कार्ड से पेमेंट करना होगा। एक प्लांट पर सरकार की तरफ से 12 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके संचालन व स्थापित करने का ठेका एक प्राइवेट कंपनी को दिया गया है।
यह जानकारी देते हुए जनस्वास्थ्य विभाग के उपमंडल अभियंता एके गुप्ता ने बताया कि हथीन नगर में नगरपालिका शीघ्र ही उपयुक्त स्थल उपलब्ध कराएगी। वहीं कोट गांव में पहले ही प्लांट स्थापित किया जा चुका है लेकिन अभी इसकी शुरुआत नहीं हो पाई है। उटावड़ व मढनाका गांव की पंचायत ने प्लांट के लिए जगह उपलब्ध करा दी है। कंपनी दस साल तक प्लांट की देखरेख करेगी। इससे मिलने वाले पानी के लिए लोगों को मामूली भुगतान भी करना होगा। बीस लीटर शुद्ध पानी मात्र चार रुपये में उपलब्ध कराया जायेगा। कंपनी की तरफ से ग्रामीणों को कैश कार्ड भी पचास रुपये जमानत राशि जमा करने के बाद वितरित किए जाएंगे।
इस कार्ड को समय - समय पर चार्ज कराना होगा। प्लांट पर लगी मशीन में कार्ड डालने के बाद एक साथ बीस लीटर पानी निकलेगा। पानी मिलने के बाद कार्ड से चार रुपये कट जाएंगे। भाजपा के नेता मोती राम शर्मा ने बताया कि इस परियोजना को सीएम मनोहरलाल ने हरी झंडी दी है। उनका कहना है कि प्रत्येक प्लांट की क्षमता दो हजार लीटर प्रतिघंटे की होगी। चौबीस घंटे में मशीन 2400 परिवारों को बीस लीटर प्रति कार्ड के हिसाब से पानी उपलब्ध कराएगी। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस आरओ प्लांट के पानी में टीडीएस मानकों के आधार पर ही होगा तथा इसमें लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।