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पार्किंग के नाम पर काटी एक लाख की रसीद, स्कैनर में आए 295 रुपये

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पलवल (अनूप पाराशर)। नगर परिषद पलवल पार्किंग की रसीद के नाम पर घोटाला सामने आया है। एक ओर जहां मीनार गेट पर पार्किंग का ठेका छोड़ने के नाम पर एक लाख रुपये की पर्ची काट दी गई, वहीं उस पर छपे बार कोड को स्कैन करने पर मात्र 295 रुपये ही सामने आ रहा है। मामले के खुलासा होने के साथ ही जहां विपक्षी पार्षद मुखर होने शुरू हो गए हैं, वहीं पूर्व विधायक करण सिंह दलाल ने लगातार सामने आ रहे घोटालों की विजीलेंस जांच कराने की मांग कर डाली है।
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नगर परिषद पलवल में भ्रष्टाचार कम होने का नाम नहीं ले रहा है। आरटीआई कार्यकर्ताओं द्वारा जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी जा रही सूचनाओं में दिनोंदिन कोई न कोई मामला उजागर हो रहा है। जहां पिछले दिनों धर्मेंद्र दलाल नामक युवक द्वारा सूचना मांगने पर परिषद अधिकारियों ने पहले तो रिकार्ड चोरी होने का मामला दर्ज कराने का जवाब दिया, लेकिन जब वह बात गलत साबित हुई, तो सोमवार को आनन-फानन में धोखाधड़ी का मामला अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज करा दिया।
बुधवार को नगर परिषद का एक और नया मामला सामने आ गया है। मीनार गेट पर पार्किंग का ठेका छोड़ने के नाम पर 20 फरवरी 2020 के सीरियल नंबर 16 के तहत रसीद नंबर 210072028003583 पर एक लाख रुपये की रसीद काटी गए है। पर्ची पर छपे बार कोड को स्कैन करने पर वह रसीद फरीदाबाद म्यूनिसिपल कमेटी की दर्शाती है। उस पर जो राशि लिखी है, वह मात्र 295 रुपये है। पूर्व विधायक करण सिंह दलाल ने नगर परिषद में लगातार सामने आ रहे करोड़ों रुपये के घोटाले को लेकर पलवल से भाजपा विधायक व उनके चहेते पार्षदों व अधिकारियों के खिलाफ विजिलेंस जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि नगर परिषद में लगातार सामने आ रहे घोटालों की यदि सीबीआई से जांच कराई जाए, तो विधायक की मिलीभगत सामने आएगी।
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वर्जन-
नगर परिषद द्वारा पिछले छह साल में गृहकर एनओसी जारी करने के नाम पर गलत तरीके से रसीदें जारी की गई हैं। अब वे रसीदें गलत मिलने पर सरकार के दबाव में मुकदमा दर्ज कराया गया है जबकि सच ये है कि इस खेल में अधिकारी व सत्तापक्ष के कुछ नेता मिले हुए हैं। इस मामले की जांच सीबीआई से कराने के लिए हम मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे। - कृष्ण ठाकुर, पूर्व पार्षद नगर परिषद पलवल
नगर परिषद द्वारा कभी सफाई तो कभी विकास के टेंडर छोड़ने के नाम पर घोटाला किया जा रहा है। फर्जी एनओसी के माध्यम से जमीनों की रजिस्ट्रियां हुई हैं, उनके द्वारा करीब 50 करोड़ से ऊपर का घोटाला है। इसे उजागर कराया जाएगा। कांग्रेस सरकार आने पर पलवल नगर परिषद व तहसील कार्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार में शामिल सभी लोगों का इलाज किया जाएगा। इस मामले में सीबीआई जांच करानी चाहिए। इस बारे में जल्द ही गृहमंत्री और मुख्यमंत्री को भी लिखा जाएगा। - करण सिंह दलाल, पूर्व विधायक पलवल
नगर परिषद द्वारा जारी फर्जी रसीदों के मामले में शहर थाने में मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। मैं स्वयं इस मामले में गंभीर हूं और अधिकारियों को जांच के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - इंदू भारद्वाज, चेयरपर्सन नगर परिषद पलवल
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