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Palwal News: छठी बार बढ़ी रसूलपुर पुल की समय सीमा, 31 अगस्त तक पूरा करने का दावा

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फोटो कैप्शन
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- रसूलपुर रेलवे पुल मिट्टी डालने के बाद दोबारा उठाई जा रही है।
- बामनीखेड़ा रेलवे पुल पर छाया अंधेरा।
- विनोद नागर, स्थानीय निवासी
- मंजीत भड़ाना, स्थानीय दुकानदार

पांच साल से परेशानी झेल रहे लोग, सांसद निवास पर देंगे धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। पांच साल से रसूलपुर रेलवे पुल निर्माण की बाट जोह रहे लाखों लोगों की उम्मीद एक बार फिर टूट गई है। पुल निर्माण की समय सीमा छठी बार बढ़ा दी गई। हरियाणा स्टेट रोड एंड ब्रिज डेवलेपमेंट ऑथोरिटी 31 अगस्त तक पुल निर्माण पूरा करने का दावा कर रही है, परंतु लोगों को इस बार निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद नहीं दिखा रही है। इससे पहले 31 जून तक पुल का निर्माण पूरा करना था, परंतु तय तिथि आने से पहले ही दो माह समय सीमा बढ़ा दी गई, जिससे लोगों में एक बार फिर रोष पैदा हो गया है। लोगों का कहना है कि पुल पर डाली गई मिट्टी को वापस उठवाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि पुल निर्माण नहीं हुआ तो जल्द ही स्थानीय सांसद के निवास पर धरना दिया जाएगा।
दरअसल, अक्टूबर 2018 में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर द्वारा रसूलपुर रेलवे फाटक पर पुल निर्माण का कार्य शुरू किया गया। शुभारंभ के समय 18 महीने में पुल निर्माण का दावा किया गया था, लेकिन करीब पांच साल बीत चुके हैं, लेकिन पुल का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। पुल निर्माण को जल्द पूरा कराने की मांग हर बार जिला ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में भी उठती है। कई बार लोग केंद्रीय राज्यमंत्री व स्थानीय सांसद कृष्णपाल गुर्जर व विधायक दीपक मंगला से शिकायत कर चुके हैं। बीते साल फरवरी माह में लोगों ने पुल निर्माण की मांग को लेकर धरना शुरू किया। करीब 16 दिन चले धरने को एचएसआरडीसी के अधिकारियों ने यह कहकर समाप्त करा दिया गया कि छह माह में पुल का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस दौरान पुल बना रहे ठेकेदार पर करीब 46 लाख रुपये का जुर्माना भी किया गया।
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दो लाख आबादी हो रही प्रभावित
रेलवे लाइन पर निर्माणाधीन पुल के कारण दिल्ली-आगरा राजमार्ग से लेकर छज्जूनगर गांव तक रोड बंद है। इस कारण इस रोड के दोनों तरफ बसी रिहायशी कालोनियों के लोग परेशानी झेल रहे हैं। रेलवे लाइन पार के बसे लोगों को तो रसूलपुर गांव से होते हुए किठवाड़ी वाले रास्ते से या फिर छज्जूनगर से असावटा होते हुए पलवल आना पड़ता है। जिससे समय व रुपये दोनों की हानि हो रही है। पुल के नीचे बनी सड़कें भी पूरी तरह से उखड़ गई हैं। इसके अलावा बैसलात व हसनपुर के दर्जनों गांवों के लोग भी इससे प्रभावित हो रहे हैं।
बामनीखेड़ा में बनाए गए पुल को भी अभी शुरू नहीं किया गया है, उसके बावजूद लोगों द्वारा पुल पर आवागमन शुरू कर दिया है। इस पुल पर अभी कोई सुविधा नहीं है। पुल का एक हिस्सा अधूरा पड़ा है। पुल पर लाइट तो लग गईं, परंतु उन्हें अभी तक चालू नहीं किया गया है। अंधेरा रहने से रात के समय पुल पर हादसों को भय बना रहता है।
रसूलपुर रोड पर राजमार्ग से लेकर छज्जू नगर तक 100 से अधिक दुकानें थीं, जो पिछले साढ़े चार साल में धीरे-धीरे बंंद होने लगी हैं। इनमें से अधिकांश दुकानदार इस रोड से दुकानों को बंद कर दूसरे स्थानों पर पलायन कर चुके हैं तथा काफी दुकानदार बंद कर दूसरी जगह जाने की तैयारी में हैं। लंबे समय से रोड पर आवागमन बंद है, ऐसे में उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो रहा है। -मंजीत भड़ाना, स्थानीय दुकानदार
रेलवे लाइन के ऊपर बनाया जाने वाला पुल लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। न तो प्रशासन का इस ओर ध्यान है और न ही स्थानीय विधायक व सांसद का। बीते साल धरना दिया गया, परंतु सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला। इस बार सांसद के निवास पर धरना शुरू करने की तैयारी की जाएगी। - विनोद नागर, स्थानीय निवासी
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पुल का करीब 85 प्रतिशत काम पूरा कर लिया है। पुल निर्माण की समय सीमा को 31 जून से बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया है। ठेकेदार को पुल का कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। - रामप्रकाश सहरावत, एसडीओ, हरियाणा स्टेट रोड एवं ब्रिज डवलपमेंट कॉर्पोरेशन
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