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मरीज इंतजार करते रहे और परिचितों को पहले दिखाते रहे कर्मचारी

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पलवल के जिला नागरिक अस्पताल में महिला डाक्टर के कक्ष के बाहर हंगामा करती महिलाएं - फोटो : Palwal
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पलवल। जिला नागरिक अस्पताल में शुक्रवार को स्टाफ द्वारा अपने परिचितों को डॉक्टर से दवा दिलाने पर अन्य महिला मरीजों ने हंगामा कर दिया। महिला रोग विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर लाइन में लगीं महिलाएं अस्पताल स्टाफ पर भड़क उठीं वह कुर्सियों पर खड़ी हो गईं और उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि अस्पताल में यह रोज होता है, यहां कार्यरत स्टाफ अपने परिचितों को पहले दवा दिलाते हैं और बाकी मरीज तीन-तीन घंटे लाइन में इंतजार करते रहते हैं।
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जिला नागरिक अस्पताल में शुक्रवार को तीन दिन बाद अस्पताल खुलने के साथ ही सुबह आठ बजे से ही मरीजों की भीड़ लगनी शुरू हो गई। मरीज व उनके परिजन पहले पर्ची कटवाने वाली लाइन में लग गए। कुछ परिजन पर्चियां कटवा रहे थे। उनके मरीज डॉक्टर कक्ष के बाहर लाइन में लगे थे। पर्ची काटने के लिए दो घंटे से लाइन में लगे मरीजों का जब पर्ची कटवाने का नंबर आया तो अचानक कंप्यूटर खराब हो गया। इसके बाद लोग पर्ची कटवाने के लिए शोर मचाने लगे। लोगों के हंगामे को देख कर्मचारियों ने रजिस्टर से पर्ची काटनी शुरू की। जैसे-तैसे मरीज पर्ची कटवाकर डाक्टर के यहां पहुंचे तो वहां भी नंबर के लिए लाइन लगानी पड़ी।
सुबह 11 बजे महिला रोग विशेषज्ञ कक्ष के बाहर महिला मरीजों की लंबी लाइन लगी थी। महिलाएं शोर मचा रही थीं। आपस में भी महिलाओं में इस बात पर झगड़ा हो रहा था कि पहले मेरा नंबर है पहले मेरा नंबर है। वहीं बीच-बीच में से कुछ कर्मचारियों द्वारा अपने परिचितों को अंदर डॉक्टर के पास ले जाने पर और भी हंगामा शुरू हो गया। इसके अलावा कमरा नंबर 19 से मरीजों के शोर मचाने पर मनोरोग विशेषज्ञ कमरा छोड़कर ही चले गए। वहीं मरीजों को कंप्यूटर खराब होने से मरीजों को पर्चियां कटवाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। आलापुर गांव निवासी महेश का कहना है कि सुबह आठ बजे के यहां आए हुए हैं, लेकिन डॉक्टर को उन मरीजों को दिखाया जा रहा है, जो अभी 11 बजे ही अस्पताल आए हैं। ऐसा उनके परिचित अस्पताल में कर्म्रचारी के तौर पर लगे हैं। मरीजों की कोई सुनवाई नहीं है। टीकरी ब्राह्मण निवासी शांति का कहना है कि तीन घंटे से लाइन में लगी हुई हैं। बुजुर्ग हूं तथा बार-बार गुहार लगा दी है, लेकिन कर्मचारी सुन नहीं रहे हैं और अपने परिचितों को ही अंदर भेज रहे हैं।
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जिला सिविल सर्जन डा. प्रदीप शर्मा का कहना है कि इस तरह की शिकायतों को वे स्वयं देखेंगे। हालांकि उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। डाक्टर मरीजों को लाइन से ही देखते हैं। किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होता।
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