होडल। गांव बेढ़ा पट्टी में बृहस्पतिवार को रबी की प्रमुख तिलहनी फसल को लेकर किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कृषि विशेषज्ञ डॉ. महावीर मलिक ने किसानों को समुचित देखभाल करने और अच्छे उत्पादन के संबंध में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 3 हजार हेक्टेयर में सरसों बोई गई है। न्यूनतम समर्थन मूल्य 4650 रुपये प्रति कुंतल है। राया सरसों में गेहूं की तुलना में आधे उर्वरकों व एक चौथाई मात्रा में सिंचाई के पानी से ही भरपूर पैदावार ली जा सकती है। गोष्ठी की अध्यक्षता प्रगतिशील किसान दौलतराम व संचालन राजू व धर्म सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि इस समय सरसों की फसल फूल आने व फलियां बनने की अवस्था में हैं। फूल आते समय यदि सिंचाई नहीं कर पाए, तो सिंचाई अवश्य कर दे। राया सरसों में 35 किलो यूरिया प्रति एकड़ डालना चाहिए। गंधक डालने से तेल की मात्रा व पैदावार भी बढ़ती है। फलियां बनते समय पाला पड़ रहा हो, तो हल्की सिंचाई अवश्य कर दें। इस मौके पर शीशराम, रतन सिंह, मुखराम, बुधराम, देवी सिंह, प्रकाश, उदय सिंह, भजनलाल, अजीत आदि मौजूद थे।