पलवल। नए कृषि कानूनों केे विरोध में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहा किसानों का धरना सोमवार को भी जारी रहा। इस दौरान गांवों में जागरूकता अभियान तेज करने के लिए चार प्रचार कमेटी गठित की गईं, जो गांव-गांव जाकर लोगों को कृषि कानूनों के विरुद्ध जागरूक करेंगी। इनके अलावा महिला किसानों की कमेटी महिलाओं को आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करेंगी।
किसानों नेताओं ने कहा कि हरियाणा में नए कृषि कानूनों के खिलाफ अभियान तेज किया जा रहा है। गांवों में पंचायतों का दौर शुरू हो गया है। सोमवार को मेवात के पुन्हाना में पंचायत कर आंदोलन को तेज करने की रणनीति तैयार की गई। पंचायत में पलवल से काफी किसानों ने हिस्सा लिया। पलवल में भी किसान-मजदूर महापंचायत आयोजित की जाएगी। इसके लिए तैयारियां की जा रही है। गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। आंदोलन से जुड़ने की अपील की जा रही है। किसान नेता डॉ. रघुवीर सिंह ने कहा कि तीनों कृषि कानून किसान और मजदूर वर्ग के लिए बेहद घातक हैं। इनका असर हर वर्ग पर पड़ेगा। नए कानूनों से सबसे ज्यादा मजदूर वर्ग प्रभावित होगा। खाद्य सामग्री पूंजीपतियों के नियंत्रण में आ जाएगी। पूंजीपति मनमाने दामों पर सामान को बेचेंगे। किसान पिछले सात माह से संघर्ष कर रहे हैं।,सरकार को किसानों की मांगें मानकर घर वापसी करानी चाहिए। धरने को सोहनपाल चौहान, रूपराम तेवतिया, चंद्रमुनि धतीर, रोशनलाल अल्लीका, हरी नंबरदार, जगदीश अहरवां, रूपचंद दलाल, रमेश गोडौता आदि ने संबोधित किया।