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Palwal News: प्लॉट अलॉट होने के आठ साल बाद भी नहीं मिला कब्जा

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- सहकारिता मंत्री ने फटकार लगाते हुए दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
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- कहा, जन समस्याओं पर समयबद्ध कार्रवाई करें अधिकारी, 14 शिकायतें मिलीं, 11 का मौके पर निपटारा

संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। लघु सचिवालय के सभागार में जिला लोक संपर्क एवं परिवाद समिति की बैठक सोमवार को प्रदेश सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में नेत्रहीन व्यक्ति को हुडा सेक्टर 12 में ब्लाइंड कोटा से प्लॉट अलॉट होने के आठ साल बाद भी कब्जा न दिए जाने के मामले पर मंत्री भड़क गए। उन्होंने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई। मंत्री ने जिला उपायुक्त को मामले की गंभीरता से जांच कर हुए दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में इसके अलावा सरपंच के फर्जी प्रमाण पत्र, बुढ़ापा पेंशन न दिए जाने, चौपाल व पंचायती भूमि पर अवैध कब्जा, बिजली निगम द्वारा गलत चालान करने सहित कुल 14 शिकायत रखीं गईं, जिनमें से 11 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। तीन शिकायतों को अगली बैठक के लिए पेंडिंग रखा गया है।
इस अवसर पर प्रदेश सहकारिता मंत्री डॉ.बनवारी लाल कहा कि जिन मामलों को निपटाने व जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाते हैं, उन पर संबंधित विभाग त्वरित कार्रवाई करें व प्रत्येक बैठक में इसकी एटीआर प्रस्तुत करें। अधिकारियों का कर्तव्य बनता है कि वह जन समस्याओं पर समयबद्ध कार्रवाई करें, ताकि लोगों को सरकार की योजनाओं का सीधा व सरलता से लाभ मिल सके। बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा गांव सहराला निवासी नेत्रहीन जगदीश की पत्नी ललिता शर्मा द्वारा उठाया गया। ललिता शर्मा ने कहा कि साल 2015 में उसके पति जगदीश को ब्लाइंड कोटा में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा पलवल के सेक्टर 12 में प्लॉट अलॉट हुआ था, लेकिन विभाग के अधिकारियों द्वारा उन्हें आठ साल बाद भी कब्जा नहीं दिलाया गया । वह अधिकारियों के पास चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं, परंतु उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। शिकायतों को विभागीय अधिकारियों से इसका जवाब मांगा गया, परंतु अधिकारी ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इस पर मंत्री भड़क गए और अधिकारी को जमकर फटकारा। उन्होंने जिला उपायुक्त नेहा सिंह को निर्देश दिए कि अपने नेतृत्व में मामले की जांच कराएं। लापरवाही बरतने वाले अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाए। इसके साथ शिकायतकर्ता को जल्द से जल्द उसके प्लॉट का कब्जा दिलाया जाए। इस अवसर पर विधायक दीपक मंगला, विधायक प्रवीण डागर, भाजपा जिलाध्यक्ष चरण सिंह तेवतिया, जेजेपी जिलाध्यक्ष देवेंद्र सौरोत, उपायुक्त नेहा सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. अंशु सिंगला, अतिरिक्त उपायुक्त साहिल गुप्ता, एसडीएम होडल रणवीर सिंह, एसडीएम पलवल शशि वसुंधरा, सीईओ जिला परिषद जितेंद्र कुमार, नगराधीश द्विजा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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सरपंच के शैक्षणिक दस्तावेज की आठ में भी नहीं हुई जांच
गांव चांदहट निवासी गिर्राज ने शिकायत दी कि गांव चांदहट की नवनियुक्त सरपंच के शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच विभाग आठ में माह में भी पूरा नहीं कर पाया है। तीन बार की रिपोर्ट में दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं, परंतु चौथी रिपोर्ट में मिलीभगत कर दस्तावेजों को सही ठहरा दिया गया। शिकायत पर मंत्री ने जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी उपमा अरोड़ा को निर्देश दिए कि वे स्वयं मामले की जांच करें और अगली बैठक में सही रिपोर्ट पेश करें। इसके अलावा गांव लाडियाका निवासी गिर्राज प्रसाद ने गांव में अवैध कब्जा व चौपाल के निर्माण में गबन संबंधी शिकायत की। मंत्री ने जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी को निर्देश दिए कि अवैध कब्जे वाले क्षेत्र की पंचायत से पैमाइश करवाई जाए। एसडीएम पलवल ने गबन संबंधी आरोप को निराधार बताया। गांव दुर्गापुर निवासी जगदीश द्वारा बुढ़ापा पेंशन का लाभ दिलवाने की शिकायत की गई। मंत्री ने अतिरिक्त उपायुक्त को निर्देश दिए कि क्रिड के माध्यम से इनके परिवार पहचान-पत्र संबंधी डाटा का वेरिफिकेशन करवाकर लाभ दिलाया जाए। गांव बहीन निवासी विश्वमोहन की शिकायत थी कि परिवार के ही कुछ सदस्य उसके हिस्से की जमीन पर कब्जा कर उसके खेत के रास्ते को रोक रहे हैं। इस पर मंत्री ने एसडीएम हथीन व तहसीलदार हथीन को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ता के खेतों का रास्ता दिलवाया जाए तथा दोषियों पर कार्रवाई की जाए। गांव कोंडल निवासी श्यामलाल की शिकायत थी कि बिजली विभाग द्वारा उसका 30 हजार रुपये का जबरदस्ती चालान किया गया, जिस पर मंत्री ने एसडीएम हथीन को इस मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
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