जिले में 5 होम्योपैथिक डिस्पेंसरी कार्यरत, प्रशिक्षित डॉक्टरों की निगरानी में मरीजों को दी जाती हैं निशुल्क दवाइयां और उपचार
निशांत पटेल
पलवल। जिले में होम्योपैथिक चिकित्सा को लेकर लोगों का रुझान लगातार बढ़ता जा रहा है। अप्रैल 2024 से मार्च 2025 के बीच कुल 40,038 लोगों ने होम्योपैथिक उपचार को अपनाते हुए स्वास्थ्य लाभ लिया है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि आयुष चिकित्सा पद्धति विशेषकर होम्योपैथी में जनता का भरोसा तेजी से मजबूत हो रहा है।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि जिले में कुल 5 होम्योपैथिक डिस्पेंसरी कार्यरत हैं — नागरिक अस्पताल पलवल, सीएचसी हथीन, पीएचसी मंडकोला, गवर्नमेंट होम्योपैथिक डिस्पेंसरी भंगुरी और घर्रोट। इन संस्थानों में प्रशिक्षित डॉक्टरों की निगरानी में मरीजों को निशुल्क उपचार और दवाइयां दी जाती हैं।
नागरिक अस्पताल में सबसे ज्यादा मरीजों ने कराया इलाज
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार पिछले एक साल के दौरान इन सभी डिस्पेंसरी में से नागरिक अस्पताल पलवल में सबसे ज्यादा 10,416 मरीजों ने इलाज करवाया। साथ ही, दूसरे नंबर पर 8726 मरीजों ने सीएचसी हथीन की डिस्पेंसरी में इलाज का लाभ उठाया। इसके अलावा सबसे कम जीएचडी भंगुरी की डिस्पेंसरी में 6686 लोगों ने मुफ्त इलाज का लाभ लिया। वहीं, पीएचसी मंडकोला में 7044, जीएचडी घर्रोट में 7166 मरीजों ने लाभ उठाया। इस दौरान पिछले साल मई माह में सबसे ज्यादा मरीज मौसमी बीमारियों के लिए आए, जिनमें बुखार, खांसी, एलर्जी, टीबी, पेट दर्द, गले का रोग, स्टोन, एनीमिया और डायबिटीज प्रमुख थे। इस महीने में कुल 5004 मरीजों ने इलाज लिया। वहीं, सितंबर माह में मरीजों की संख्या कम रही, जहां सिर्फ 2119 मरीजों ने इलाज कराया।
चर्म रोगों में अधिक लाभकारी होम्योपैथी
नागरिक अस्पताल पलवल के होम्योपैथिक विशेषज्ञ ने बताया कि स्किन एलर्जी, सोरायसिस, पिग्मेंटेशन, हेयर फॉल और फंगल इन्फेक्शन जैसे मामलों में होम्योपैथिक दवाएं बेहद कारगर साबित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रति दिन औसतन 40 से 50 स्किन से संबंधित मरीज पहुंचते हैं, जो लगातार इलाज से लाभान्वित हो रहे हैं। जिले में होम्योपैथिक चिकित्सा लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है। सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में यह प्रणाली ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य का एक भरोसेमंद विकल्प बन रही है।
विभाग की ओर से निशुल्क दवाएं और गुणवत्तापूर्ण उपचार सरकारी होम्योपैथिक केंद्रों पर तरह निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। आम लोगों को आयुष प्रणाली की ओर आकर्षित करने के लिए नियमित स्वास्थ्य शिविरों और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है। - डॉ. संजीव कुमार, जिला आयुष अधिकारी, पलवल