फोटो कैप्शन22पीएएलपी11- अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन करके गांव कारना के ग्रामीण।
22पीएएलपी12- बिजली न आने पर बच्चों की हाथ के पंखे से हवा करती उनकी मां।
गांव कारना में तीन दिन से ट्रांसफार्मर खराब, कार्यकारी अभियंता कार्यालय पर किया प्रदर्शन
लोग करते रहते हैं फोन, अधिकारी नहीं देते जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। गर्मी का प्रकोप बढ़ते ही सबसे पहले बिजली निगम के दावों की पोल खुल जाती है। बिजली के अघोषित कटों से शहर व देहात के सभी वर्ग हलकान हैं। किसान हो या व्यापारी सभी बिजली न आने से परेशानी उठा रहे हैं। उमस भरी गर्मी ने एक तरफ लोगों को जीना मुहाल किया हुआ है, वहीं बिजली न आने से पेयजल की समस्या ने लोगों के हलक को सुखा रखा है। शहर के लोग बोतल बंद पानी से गुजारा कर लेते हैं, परंतु देहात में मवेशियों के पानी का इंतजाम करना किसी चुनौती से कम नहीं है। हालात यह है कि बिजली निगम की लचर कार्यशैली का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में लोगों की रातें काटे नहीं कट रही हैं। बार-बार फोन करने पर भी कोई जवाब नहीं मिलता, जिससे लोगों में बिजली निगम के प्रति भारी रोष दिखाई दे रहा है।
पिछले तीन दिनों से जिले के अंदर भीषण गर्मी पड़ रही है। शनिवार को तापमान तो 35 डिग्री सेल्सियस रहा, परंतु उमस 61 प्रतिशत दर्ज की गई। उमस के कारण बार-बार गला सूख रहा है। ऐसे में बिजली कटों ने लोगों की समस्या को बढ़ा दिया है। गांवों की बात दूर शहर में भी बिजली कटों से हालात खराब हैं। गर्मी के कारण लोगों को रतजगा करना पड़ रहा है। पूरी-पूरी रात लाइट नहीं आती। गर्मी से बचने के लिए घरों में बैठे लोग दरवाजा व खिड़की खोलकर बैठे रहते हैं। छोटे बच्चे गर्मी के कारण बिलबिला उठते हैं। उनके परिजन हाथ के पंखे से हवा कर उन्हें सुलाने का प्रयास करते रहते हैं। पूरी रात जागने के बाद सुबह बिना पानी के घर के कार्य करना चुनौती से कम नहीं है, क्योंकि बिजली न आने के कारण पानी भी नहीं आता। सुबह स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों व काम पर जाने वाले लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
बिजली कटों के परेशान लोग बिजली निगम के अधिकारियों के पास फोन करते रहते हैं। शुरुआत में तो फोन उठाया जाता है, परंतु संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। बाद में अधिकारी फोन भी उठाना बंद कर देते हैं। अधिकारियों के पास जिले में बिगड़ती विद्युत व्यवस्था को सुधारने के लिए निगम के पास बेहतर कार्ययोजना नहीं है, जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
मवेशियों के पानी व चारे की किल्लत
देहात क्षेत्र में बिजली न आने पर ग्रामीण जैसे-तैसे अपना गुजारा कर लेते हैं, परंतु बिना पानी के मवेशियों की प्यास बुझाना किसी चुनौती से कम नहीं है। बिजली के लंबे कटों के कारण पानी नहीं आता और लोगों द्वारा संरक्षित किया गया पानी खत्म हो जाता है। ऐसे में खुद तो जैसे-तैसे गुजारा कर लेते हैं, परंतु पशुओं के लिए पानी का इंतजाम करना बेहद कठिन है। इसके अलावा पशु चारा में ज्वार का सीजन चल रहा है, जिसे काटने लिए मशीन भी बिना बिजली के नहीं चल पाती।
कारना में तीन दिन से बिजली नहीं, एक्सईएन कार्यालय पर किया प्रदर्शन
गांव कारना में पिछले दिनों ने ट्रांसफॉर्मर खराब होने के कारण बिजली सप्लाई बंद पड़ी है। ग्रामीणों की बार-बार शिकायत के बावजूद ट्रांसफॉर्मर को नहीं बदला गया। बिजली कर्मियों ने ट्रांसफार्मर उतारकर कार्यकारी अभियंता कार्यालय लाने को कहा। ग्रामीणों ने लाइनमैन से संपर्क कर आपस में रुपये एकत्रित कर अपने खर्चे पर ट्रांसफार्मर को उतरवाया और उसे ट्रैक्टर में रखकर न्यू कॉलोनी स्थित कार्यकारी अभियंता कार्यालय लेकर आए, परंतु यहां उन्हें नया ट्रांसफार्मर नहीं दिया गया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने बिजली निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीण पंडित सुनील, गुल्लू, बंटी, हंसराज मेंबर, उमेद, राजू, सतपाल, करण, चिंटू व दीवान सिंह ने बताया कि बिजली न आने से ग्रामीण परेशान हैं। अपने खर्चे पर ट्रांसफॉर्मर को बदलने के लिए आए हैं, उसके बावजूद ट्रांसफार्मर नहीं दिया जा रहा है।
फाल्ट होने पर कुछ स्थानों की सप्लाई प्रभावित हुई थी, जिन्हें दुरुस्त करवाया जा रहा है। कारना में ट्रांसफार्मर खराब होने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। मैं मामले की जांच करूंगा और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। - जोगेंद्र हुड्डा, अधीक्षण अभियंता, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम