पलवल। कोरोना के कारण पहली बार लगाए गए लॉकडाउन को सोमवार को पूरा एक साल हो गया है। एक साल पहले जब 22 मार्च 2020 को लॉकडाउन लगाया गया था, उस समय सड़कों, गलियों और सरकारी विभागों में ही नहीं अस्पतालों में भी पूरी तरह से सन्नाटा छा गया था। उस दौरान लोगों में कोरोना का इतना भय था कि घरों से निकलना तक छोड़ दिया था, लेकिन आज हालात बिल्कुल उल्टे हैं। आज लोग सड़कों पर खुलेआम घूम रहे हैं। न तो वे मास्क ही लगा रहे हैं और न ही भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से घबरा रहे हैं। आज हालात ये हैं बस अड्डा हो या फिर बाजार, सब्जी मंडी हो या फिर सरकारी अस्पताल सब जगह इतनी भीड़ है कि यदि एक भी व्यक्ति को कोरोना हो जाए तो फिर पलवल में कोरोना बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है। लेकिन लोगों को अब इसकी बिल्कुल भी चिंता नहीं है।
अब कोरोना को देखें या अपनी रोजी-रोटी को
पलवल सब्जी मंडी में जायजा लेने पर पाया गया कि न तो सब्जी विक्रेताओं ने मास्क लगाए हुए थे और न ही ग्राहक मास्क लगाए हुए थे। सब्जी विक्रेताओं का कहना था कि अब कोरोना को देखें या अपनी रोजी-रोटी को देखें। 10 महीने तक लॉकडाउन के कारण सब कुछ बरबाद हो चुका है। अब कोरोना से ज्यादा पेट की भूख दिखाई देती है। सब्जी विक्रेता रामचंद्र का कहना था कि अब कोरोना आए या कुछ और, अब तो वे खुले में बैठकर इसी तरह से सब्जी बेचेंगे। उन्हें किसी का डर नहीं है।
बसों में भीड़, सभी को घर पहुंचने की जल्दी
बस अड्डा पर बस के अंदर सवारियां एक के ऊपर एक चढ़ी हुई थी। उन्हें कोरोना से ज्यादा घर पहुंचने की चिंता थी। लोगों में घर पहुंचने की इतनी जल्दी थी कि एक बस के आते ही लोग उस पर टूट पड़ते कि पहले उन्हें सीट मिल जाए। चालक व परिचालक ही नहीं रोडवेज अधिकारी लोगों को कोरोना से बचाव के नियमों की पालना करने का समझाते रहे, लेकिन लोगों को इसका कोई डर नहीं था।
जिला नागरिक अस्पताल में भी लोग बेपरवाह
जिला नागरिक अस्पताल में ही लोग कोरोना बीमारी के प्रति गंभीर नहीं दिखाई दिए। न तो लोगों को ही इसकी परवाह थी और न ही स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लोगों को कोरोना से बचाव के लिए कोई इंतजाम किए हुए थे। पर्ची बनवाने वाली खिड़की हो या फिर डॉक्टर को जांच कराने वाली लाइन हो, लोगों को अच्छी खासी भीड़ थी।
लोगों के अंदर से कोरोना का डर खत्म
बाजारों में जहां एक साल पहले 22 मार्च को ही पूरी तरह से सन्नाटा था, आज वहां बाजारों में लोगों की खासी भीड़ थी। लोगों के अंदर कोरोना का बिल्कुल डर नहीं था। लोगों को प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना बचाव के लिए जारी एसओपी की भी कोई चिंता नहीं नजर आई।
लोगों को किया जा रहा जागरूक
जिस तरह से एक बार फिर से कोरोना देश में बढ़ रहा है, उसे लेकर सरकार पूरी तरह से चिंतित है। हालांकि पलवल में कोरोना पूरी तरह से नियंत्रण में है, फिर भी लोगों को इसके बचाव के इंतजाम रखने चाहिए। मुंह पर मास्क लगाना चाहिए तथा हाथों को बार-बार साबुन से धोना चाहिए। भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। अस्पताल में हो या फिर शिविर लगाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। - डॉ. ब्रह़्मदीप सिंह, जिला सिविल सर्जन पलवल