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Palwal News: भीषण गर्मी में यात्री त्रस्त, व्यवस्था ध्वस्त, अधिकारी मस्त

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- डिपो परिसर में मूलभूत सुविधाओं का अभाव, यात्रियों को हो रही कठिनाई
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राहुल राज

पलवल। जिले में पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया है। इस भीषण गर्मी में पलवल बस डिपो पर यात्रियों को न तो पंखे की हवा नसीब हो रही है और न ही ठंडा पानी। बस डिपो पर सुविधाओं के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है, जिसके चलते यात्री त्रस्त हैं। टीम ने डिपो की पड़ताल में पाया कि परिवहन विभाग की उदासीनता और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही से यात्रियों को दिक्कतें आ रही हैं।

बुधवार को जब टीम मौके पर पहुंची तो पाया कि डिपो परिसर में लगे पंखे या तो खराब पड़े हैं या फिर चालू ही नहीं किए गए हैं। डिपो पर लगाया गया वाटर कूलर से भी ठंडा पानी नहीं मिल रहा है। यात्रियों को बिना पंखे और ठंडे पानी के इस गर्मी में यात्रा करनी पड़ रही है।
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पानी का कैंपर बना मजाक

सभी बसों में पीने के पानी का कैंपर रखना अनिवार्य किया था। लेकिन सरकारी निर्देशों की अवहेलना खुलेआम हो रही है। अधिकांश बसों में कैंपर ऐसी जगह रखा गया है कि यात्री चाहकर भी पानी का उपयोग नहीं कर सकते। अधिकांश ड्राइवर और कंडक्टर इनका इस्तेमाल खुद के लिए कर लेते हैं। यात्री पानी की बोतल खरीदने को मजबूर हैं।

बस डिपो में यात्रियों की सुविधा के लिए एलईडी स्क्रीन लगाई गई थी। इसपर बस की समय सारणी दिखाई जाती हैं। लेकिन कई बसों में एलईडी स्क्रीन खराब पड़ी हुई है। नतीजतन यात्रियों को बार-बार पूछताछ केंद्र की दौड़ लगानी पड़ती है। डिपो के नो पार्किंग जोन में प्राइवेट गाड़ियां धड़ल्ले से खड़ी हो रही हैं और उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था भी लचर है। डिपो यार्ड के मुख्य गेट पर गार्ड की कुर्सी तो है, लेकिन गार्ड नदारद हैं। वॉशरूम में पानी नहीं होने की वजह से यात्री खुले में शौच करने को मजबूर हैं। पूरे परिसर में जिम्मेदारी निभाने वाला कोई अधिकारी अपने सीट पर नजर नहीं आता है।



एक बैंडेज के सहारे 50 यात्रियों की जान

अधिकांश बसों में फर्स्ट एड बॉक्स गायब है। कहीं है भी तो उसमें सिर्फ एक बैंडेज, एक दर्द निवारक गोली और एक मरहम पड़ा है। यदि कभी कोई दुर्घटना हो जाए तो इतने सीमित संसाधनों से 50 यात्रियों का इलाज हो पाना मुश्किल है।

समय पर गाड़ी नहीं मिलती, ऊपर से गर्मी लगती है। कूलर की व्यवस्था होनी चाहिए।– बलवीर सिंह, यात्री

जब बस स्टैंड पर ही पानी नहीं है, तो बस में कहां से आएगा। ड्राइवर और कंडक्टर ही कैंपर के पानी का इस्तेमाल करते हैं।– राजवीर, यात्री

पानी का प्यूरिफायर बंद पड़ा है। दुकानों में जो पानी मिल रहा है वो भी नकली कंपनी का है, लोकल कंपनी का पानी पीकर तबीयत खराब हो जाती है।– कामचंद, यात्री
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बसों में कैंपरों के लिए स्टैंड की व्यवस्था करेंगे। खराब पंखों और दूसरी शिकायतों को दूर करने के लिए निजी तौर पर जांच करेंगे और व्यवस्था को जल्द दुरुस्त करेंगे।– नवनीत कुमार, जनरल मैनेजर, पलवल बस डिपो
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