पलवल। जन स्वास्थ्य विभाग के वासो संगठन की ओर से मंगलवार को जल जीवन मिशन के तहत ग्राम जल एवं सीवरेज समिति की ब्लॉक स्तर पर बीडीपीओ कार्यालय पृथला में एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में गांव के सरपंच, पंच, ग्राम सचिव, आंगनबाड़ी वर्कर्स व ग्राम जल एवं सीवरेज समिति के सदस्यों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। पानी की आज की स्थिति और आवश्यकता पर जानकारी देकर उन्हें जागरूक किया गया।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की जिला सलाहकार कुसुम जांगड़ा ने बताया कि जल जीवन मिशन में ग्राम पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पंचायतों को आगे आकर इस मुहिम जल जीवन मिशन को सफल बनाना चाहिए। इससे जल संरक्षण के साथ ही प्रत्येक गांव के प्रत्येक घर तक नल से जल पहुंचाना आसान होगा। भू जल का दुरुपयोग करने में हरियाणा पूरे देश में तीसरे स्थान पर है। पानी की इसी बर्बादी को रोकने के लिए सभी को आगे आना होगा और जीवन की इस बेशकीमती न बनने वाली वस्तु को बचाना होगा।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपनी भागीदारी अदा करने के लिए पानी बचाने की तरफ ध्यान देना होगा। महिलाएं ही लोगों को जागरूक कर सकती हैं। इसकी शुरुआत महिलाओं को घर से ही करनी होगी। ब्लाक रिसोर्स कोआर्डिनेटर पृथ्वी पाल ने ग्राम जल एवं सीवरेज समिति के कर्तव्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्राम जल एवं सीवरेज सीमित का मुख्य उद्देश्य गांव में लोगों को जल संरक्षण करने के प्रति प्रेरित करना है।
कमेटी ही ग्राम स्तर पर प्रतिनिधित्व करते हुए लोगों को जल बचाने के लिए कार्य करेगी। ब्लॉक रिसोर्स कोआर्डिनेटर मंजु रानी ने महिलाओं को अपनी भागीदारी अदा करने के लिए कहा। ब्लॉक रिसोर्स कोआर्डिनेटर विश्वास सहरावत ने मंच का संचालन करते हुए जल संरक्षण पुरस्कार के बारे में विस्तार से बताया और गांव को अपनी पंचायत हेंडओवर करवाने अर्थात गांव के लिए गांव के लोगों के द्वारा ही पानी की आपूर्ति की व्यवस्था की जाने के लिए जागरूक किया। मंजु रानी ने एफटीके किट से पानी की शुद्धता जांच करने की विधि से सभी को अवगत करवाया। इस मौके पर मृदा और जल संरक्षण विभाग से गिरिधारी लाल व जन स्वास्थ्य विभाग से कनिष्ठ अभियंता योगेन्द्र कुमार और प्रिंस मुख्य रूप से उपस्थित रहें।