ग्राम पंचायत जराली के एक व्यक्ति को शौचालय न बनवाने के कारण अपना पंच पद गंवाना पड़ गया है। दरअसल, पंचायत चुनाव का नामांकन भरते समय सदस्य ने घर में शौचालय होने का शपथ पत्र दिया था। शपथ पत्र के आधार पर अधिकारियों ने उसका नामांकन मंजूर कर लिया। उक्त व्यक्ति पंच पद के लिए निवार्चित भी हो गया व उसने शपथ भी ले ली। लेकिन जांच में उसका शपथ पत्र झूठा पाया गया। जिस पर उसे पंच पद से निलंबित कर दिया गया है।
डीसी अशोक शर्मा को शिकायत मिली थी कि वार्ड तीन से निर्वाचित पंचायत सदस्य इरशाद ने शौचालय मामले में झूठा शपथ पत्र दिया था। शिकायत मिलने पर डीसी शर्मा ने बीडीपीओ के माध्यम से पंच इरशाद के मकान की जांच कराई। जांच के दौरान उसके निवास पर कोई शौचालय नहीं मिला।
जांच रिपोर्ट के आधार पर डीसी ने हरियाणा पंचायती राज एक्ट 1994 की धारा 51/1 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इरशाद को पंच पद से तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उल्लेखनीय है कि इरशाद के खिलाफ चुनावी रंजिश में हुए झगडे़ के मामले में हत्या के प्रयास का केस भी दर्ज है