शिवधाम योजना के तहत आबंटित बजट में सूबासेरी को 11.23 लाख रुपये मिले थे
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। उपमंडल की ग्राम पंचायत सूबासेरी में पंचायत विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शिवधाम योजना के तहत स्वीकृत 11.23 लाख रुपये की बजट राशि गलती से पुन्हाना उपमंडल की नाहरपुर पंचायत के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। इस लापरवाही के कारण सूबासेरी के गांव नाहरपुर में श्मशान घाट की चहारदीवारी और अन्य विकास कार्य सात महीने से अटके हुए हैं।
ग्राम पंचायत सूबासेरी के सरपंच कुलदीप ने बताया कि 26 जुलाई 2024 को हरियाणा रूरल डवलपमेंट फंड एडमिनिस्ट्रेशन बोर्ड, चंडीगढ़ की ओर से तावडू की 49 पंचायतों के लिए शिवधाम योजना के तहत बजट आबंटित किया गया था। इसमें सूबासेरी को 11.23 लाख रुपये मिले थे, लेकिन यह राशि उनके खाते में नहीं पहुंची। जांच में पता चला कि पंचायत विभाग और बैंक की गलती से यह राशि पुन्हाना की नाहरपुर पंचायत को भेज दी गई।
नाहरपुर के सरपंच ने पुष्टि की कि उन्होंने इस राशि को अपने विकास कार्यों में खर्च कर दिया। सरपंच कुलदीप ने इस मुद्दे को जिला उपायुक्त (डीसी) और समाधान शिविर में उठाया, लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। ग्रामीण श्मशान घाट की चहारदीवारी न बनने के लिए सरपंच को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। कुलदीप ने हरियाणा पंचायत निदेशक को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है, लेकिन अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई। पंचायत विभाग के कार्यकारी अभियंता से संपर्क करने की कोशिश नाकाम रही। तावडू खंड पंचायत एवं विकास अधिकारी अरुण कुमार यादव ने रविवार होने का हवाला देकर जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यदिवस में कार्यालय आने पर ही इस पर टिप्पणी करेंगे।
वहीं, सूबासेरी के ग्रामीणों ने बजट राशि न मिलने पर चिंता जताई है। श्मशान घाट की चहारदीवारी न होने से उनकी समस्याएं बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण विकास कार्य बाधित हो रहे हैं, और अधिकारियों की उदासीनता चिंताजनक है। यह मामला पंचायत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। देखना होगा कि अधिकारी इस गंभीर लापरवाही पर कब संज्ञान लेते हैं और सूबासेरी पंचायत को उसका हक कब मिलता है। ग्रामीणों की उम्मीदें अब प्रशासन के ठोस कदमों पर टिकी हैं।