डीआरआई अधिकारी बनकर लूट को दिया था अंजाम
गौरतलब है कि 2 अप्रैल 2026 को बदमाशों ने खुद को राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) का अधिकारी बताकर राष्ट्रीय राजमार्ग-19 स्थित हुडा चौक के पास एक सर्राफा कारोबारी की कार रुकवाई। इसके बाद चालक और कर्मचारी से करीब 30 तोला सोना और 31 लाख रुपये नगद लूट लिए। वारदात के बाद एक कर्मचारी का अपहरण कर उसे गुरुग्राम में छोड़ दिया और आरोपी फरार हो गए।
दो महीने से कर रहे थे रेकी
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पहले अपने शिकार की रेकी करते थे और फिर फर्जी आईडी व नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर खुद को सरकारी अधिकारी बताकर लूट की वारदात को अंजाम देते थे। इस मामले में भी आरोपियों ने करीब दो महीने तक सर्राफा व्यापारी की गतिविधियों पर नजर रखा था।
इसके बाद सुनियोजित तरीके से वाहनों का नंबर प्लेट बदलकर और वॉकी-टॉकी की मदद से लूट को अंजाम दिया। आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए तीन अलग-अलग कार को अलग-अलग क्षेत्र में भेज दिया। इसके साथ ही सीसीटीवी से बचने के लिए मुख्य मार्ग को छोड़कर वैकल्पिक मार्ग का सहारा लिया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि इस गैंग ने पहले भी ग्वालियर और दिल्ली में लाखों रुपये की लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है।