चावल के भाव में नरमी से मिलर्स ने खींचे हाथ, किसानों को आगे भी गिरावट की चिंता
नूंह। धान के सीजन में तेजी का माहौल अचानक नरमी में बदल गया है। पिछले महज तीन दिनों में 1509 किस्म के धान के भाव में करीब 300 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई है। कुछ दिन पहले तक 4200 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक चुका 1509 शनिवार को घटकर करीब 3900 रुपये प्रति क्विंटल रह गया। अचानक आई इस गिरावट से मंडी में धान लेकर पहुंचे किसानों में मायूसी दिखाई दी।
मंडी कारोबारियों के मुताबिक, धान के भाव में आई तेज बढ़ोतरी के बाद अब मिलर्स ऊंचे दाम पर खरीद को लेकर पीछे हटने लगे हैं। इसका प्रमुख कारण चावल के बाजार में आई नरमी बताई जा रही है। चावल के भाव में कई रुपये की गिरावट आने से मिलर्स के लिए महंगे धान की खरीद का हिसाब बिगड़ रहा है। परिणामस्वरूप खरीदारी में सुस्ती आई है और इसका सीधा असर धान के भाव पर पड़ा है।
हालांकि पिछले साल के मुकाबले मौजूदा भाव अभी भी किसानों के लिए काफी बेहतर हैं। 1509 किस्म पिछले वर्ष की तुलना में करीब 1300 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल अधिक के भाव पर बिक रही है। इसके बावजूद तेजी के बाद अचानक आई गिरावट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई किसान बेहतर भाव की उम्मीद में मंडी पहुंच रहे थे, लेकिन लगातार बदलते बाजार ने उनकी गणना बिगाड़ दी है।
मंडी कारोबारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में आवक बढ़ने, मिलर्स की खरीद और चावल के भाव पर बाजार की दिशा निर्भर करेगी। फिलहाल किसानों की निगाह इस बात पर टिकी है कि 3900 रुपये का भाव टिकता है या गिरावट का सिलसिला आगे भी जारी रहता है।
आढ़ती सतपाल सिंगला उर्फ बड्डन कुमार ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में धान के भाव तेजी से ऊपर गए थे, लेकिन अब चावल के भाव कमजोर होने के कारण मिलर्स खरीद में सावधानी बरत रहे हैं। 1509 का भाव फिलहाल करीब 3900 रुपये तक पहुंच गया है। आगे भाव बाजार की मांग और मिलर्स की खरीद पर निर्भर करेंगे। आढ़ती गौरव गुप्ता ने कहा कि तीन दिन में करीब 300 रुपये की गिरावट ने किसानों को जरूर झटका दिया है। पिछले साल की तुलना में भाव बेहतर होने के बावजूद बाजार में दबाव साफ दिखाई दे रहा है। यदि चावल के भाव में और गिरावट आती है तो धान के दाम भी नीचे जा सकते हैं। किसान माल सूखाकर लाए।