2.25 करोड़ रुपये से हो रहा विकास कार्य, लेकिन रफ्तार धीमी
जगह-जगह गड्ढे और टूटी सड़कों से आवागमन बाधित शौचालयों पर ताले, वाटर कूलर भी हैं सूखे
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। धान की आवक तेज हो चुकी है, लेकिन नूंह अनाज मंडी की व्यवस्थाएं अभी तक पटरी पर नहीं आ पाई हैं। मंडी में करीब सवा दो करोड़ रुपये की लागत से कराए जा रहे फड़, सड़क और चहारदीवारी पर तारकशी सहित कई निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार किसानों और आढ़तियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। मंडी में जगह-जगह गड्ढे खोदे हुए हैं, सड़क का काम अधूरा पड़ा है और टूटी सड़कों पर धान से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही मुश्किल हो रही है। आवक बढ़ने के साथ ही मंडी की अव्यवस्थाएं भी खुलकर सामने आने लगी हैं।
निर्माण कार्य शुरू होने में पहले ही देरी हुई और अब धान की फसल मंडी में पहुंचने के बावजूद काम पूरा नहीं होने से स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है। किसानों का कहना है कि मंडी का निर्माण कार्य फसल सीजन शुरू होने से पहले पूरा कराया जाना चाहिए था, ताकि उन्हें अपनी फसल लेकर आने पर किसी तरह की परेशानी न हो। इसके विपरीत मंडी में एक तरफ धान की ढेरियां लग रही हैं तो दूसरी तरफ निर्माण के लिए खुदाई और अधूरे काम के कारण जगह-जगह अव्यवस्था बनी हुई है।
हादसे का खतरा
मंडी परिसर की कई सड़कें अभी निर्माण की बाट जोह रही हैं। कहीं सड़क उखड़ी हुई है तो कहीं गहरे गड्ढे बने हुए हैं। धान लेकर मंडी पहुंचने वाले किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को इन रास्तों से निकलने में परेशानी हो रही है। दिनभर वाहनों की आवाजाही के बीच गड्ढों के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। मंडी परिसर में शौचालयों पर ताले लगे होने से किसानों और मजदूरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, वाटर कूलर में पानी नहीं है। दिनभर धूप में फसल की खरीद-फरोख्त और ढुलाई में लगे मजदूरों के लिए यह समस्या और गंभीर है। मंडी में सरकारी चौकीदार नहीं होने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
कोट
मंडी में धान की आवक बढ़ गई है, लेकिन सड़कें और रास्ते अभी तक दुरुस्त नहीं हुए हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर मंडी में प्रवेश करने और फसल उतारने में परेशानी होती है। - रवि, नौरंगाबाद
मंडी में फसल बेचने के लिए किसान कई-कई घंटे रुकते हैं, लेकिन शौचालय बंद पड़े हैं और वाटर कूलर में पानी तक नहीं है। सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। - गिल्ला, इंडरी
जगह-जगह गड्ढे होने से मंडी में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। धान की आवक अभी बढ़नी शुरू हुई है। आने वाले दिनों में आवक और बढ़ेगी, ऐसे में किसानों की परेशानी होगी। प्रेमचंद, पोंडरी
मंडी में करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन काम की रफ्तार देखकर ऐसा नहीं लगता कि फसल सीजन से पहले व्यवस्था पूरी तरह तैयार हो पाएगी। काम में तेजी लानी चाहिए। - सतपाल सिंगला, आढ़ती
वर्जन
मंडी में निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए संबंधित जेई व एसडीओ को कहा गया है। काम की स्पीड बढ़ाई गई है। उम्मीद है, जल्द काम को पूरा कराया जाएगा। - राजेन्द्र, मंडी सुपरवाइजर