पलवल। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर चल रहा किसान आंदोलन 179वें दिन सोमवार को भी जा रहा। धरने में निर्णय लिया गया कि 26 मई को मनाए जाने वाले काले दिवस में किसान धरना स्थल के साथ-साथ गावों में भी रोष-प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान सरकार का पुतला जलाया जाएगा और किसानों को सरकार की किसान विरोधी
नीतियों के प्रति जागरूक किया जाएगा। किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व अटोहां चौक पलवल पर चल रहे धरने की अध्यक्षता किसान नेता रुपरराम तंवर ने की, जबकि संचालन रूपराम तेवतिया ने किया।
धरने में किसान नेता डॉ. रघुवीर सिंह ने कहा कि आज देश के अंदर बहुत गंभीर हालात हैं। इन हालात में किसान राजधानी क्षेत्र दिल्ली के चारों तरफ आंदोलन करने के लिए मजबूर है। आजादी से पहले भी देश के किसानों ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ अपने अधिकारों के लिए आंदोलन किया था। ब्रिटिश सरकार ने भी किसानों की मांगों को मान लिया था, परंतु भाजपा सरकार कृषि कानूनों को वापस न लेकर किसान विरोधी होने का सबूत दे रही है। सरकार को संयुक्त किसान मोर्चा को वार्ता के लिए बुला कर किसानों की मांगों का समाधान करना चाहिए। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार के मंत्रियों द्वारा बार-बार ये आरोप लगाना कि कोरोना किसान आंदोलन के कारण बढ़ रहा है, इसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
किसान सभा के जिलाध्यक्ष धर्मचंद ने कहा कि आने वाली 26 मई को सरकार के सात साल पूरे होने पर काला दिवस मनाया जाएगा। किसान अपने मकानों व वाहनों पर काले झंडे लगाकर तथा धरना स्थल पर काले झंडों के साथ प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान सरकार का पुतला भी जलाया जाएगा।
धरने को किसान नेता महेंद्र सिंह चौहान, अच्छेलाल जोधपुर, दरियाब सिंह सौरोत, मोहन चंद तंवर, किशन चंद शर्मा, राजेंद्र सिंह, रोशन लाल, करतार सिंह, करतार मढनाका, बुद्धि सिंह, इंदर सिंह रावत, विजेंद्र सिंह, श्रीचंद्र महाशय, कुमारपाल डागर ने संबोधित किया।