संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। नवरात्र के तहत बृहस्पतिवार को दुर्गा अष्टमी पर्व परंपरागत व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जहां मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना हुई। वहीं, नवरात्र के व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने घरों में कंजक पूज कर उन्हें भोजन कराया। कंजकों को उपहार व नकदी भेंट कर पुण्य कमाया। इस अवसर पर विभिन्न अन्य धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों ने भंडारों का भी आयोजन किया। इतना ही नहीं शुक्रवार को मनाई जाने वाली राम नवमी की भी तैयारियां शहर में की गई। मंदिरों के अलावा घरों में भी रामनवमीं मनाने के लिए श्रद्धालुओं ने तैयारियां की। बाजारों में भी खासी रौनक दिखाई दी।
दुर्गाष्टमी के अवसर पर शहर के देवी का मंदिर, पंचवटी स्थित दुर्गा मां का मंदिर, संतोषी माता मंदिर, सनातन धर्म मंदिर, जंगेश्वर मंदिर में विशेष उल्लास का वातावरण रहा। कमेटी चौक स्थित देवी के मंदिर में पूजा करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ काफी नजर आई। महिलाएं सुबह से ही मंदिरों में पूजा करने पहुंचने लगी। नवरात्र की अष्टमी को देवी के आठवें स्वरूप महागौरी की आराधना व ध्यान किया गया। मंदिरों में मां जगदंबा के जयकारे गूंजते रहे, साथ ही भजनों से माहौल पूरी तरह से भक्तिमय नजर आया। विधि विधान के अनुसार पंडितों ने श्रद्धालुओं की पूजा कराई। इस अवसर पर माता की चौकी भी सजाई गई और भोग के बाद भंडारे आयोजित किए। जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं व भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। घरों में पूजा करने के बाद कंजकों को भोजन करा उपहार दिए गए।
रामनवमी की तैयारियों के लिए बाजारों में की खरीदारी
वहीं, शुक्रवार 11 अक्तूबर को मनाई जाने वाली रामनवमी पर्व को लेकर भी लोगों में उत्साह देखा गया। लोगों ने रामनवमी की पूजा के लिए बाजारों में जाकर जहां पूजा सामग्री खरीदी, वहीं नौ दिन से व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने व्रत का सामान तथा रामनवमी पर कंजकों को भोजन प्रसाद कराने के बाद दिए जाने वाले उपहारों की खरीदारी की। इस कारण बाजारों में काफी भीड़ रही। जहां लोगों ने रामनवमी की पूजा के लिए खरीदारी और कंजकों को देने के लिए उपहार खरीदे। वहीं, 12 अक्तूबर को मनाए जाने वाले दशहरा पर्व के लिए भी खरीदारी की।