पलवल। कृषि कानूनों के विरोध में 26 मार्च को किसान भारत बंद करेंगे। इस दौरान राजमार्ग जाम किया जाएगा और बाजारों को बंद कराया जाएगा। हालांकि इसके लिए शुक्रवार की सुबह धरनास्थल पर बैठक की जाएगी। इसको लेकर बुधवार को धरने के दौरान रणनीति तैयार की गई। अधिक से अधिक संख्या में किसानों को बैठक में पहुंचने का आह्वान किया गया। वहीं गांवों में जागरूकता अभियान चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। किसान नेताओं ने कहा कि किसानों और धरने की उपेक्षा करना सरकार को भारी पड़ेगा।
किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में अटोहां चौक पर चल रहे धरने में पूर्व विधायक उदयभान ने कहा कि अन्याय व अत्याचार को भी सहने की सीमा होती है। अब किसान जागरूक हो चुके हैं। वे अपना अधिकार लेकर ही घर लौटेंगे। सरकार चाहे जितना जोर लगा ले, किसान पीछे हटने वाले नही हैं। भाजपा सरकार ने बार-बार किसानों को अपमानित करने का ही काम किया है। समय आने पर किसान इसका बदला लेंगे। राष्ट्रवादी विचार मंच के अध्यक्ष स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि किसान आंदोलन की उपेक्षा सरकार को भारी पडे़गी। यह लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। यह आंदोलन लोकतंत्र और संविधान को बचाने में अहम भूमिका निभाएगा।
महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश है कि फसल का समर्थन मूल्य लागत का डेढ़ गुना होना चाहिए, जो किसान को नहीं मिल रहा है। भाजपा ने लोक सभा चुनाव में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश को लागू करने व किसानों के कर्ज माफ करने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद इसे पूरा करने से मना कर दिया। भाजपा सरकार एमएसपी पर फसल खरीदने का दावा कर रही है, जबकि पूरे देश में कहीं पर भी एमएसपी पर फसल नहीं खरीदी जा रही है। भाजपा के सात सालों के राज में एमएसपी पर खरीद न होने से किसानों को 45 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि सरकार का किसानों पर केवल डेढ़ लाख करोड़ रुपये कर्ज है। धरने की अध्यक्षता चौ. बिजेंद्र सिंह तेवतिया व संचालन रूपराम तेवतिया ने किया। इस मौके पर दीपक चौधरी बेनीवाल, सविता चौधरी, शिव सिंह छाता, सोहनपाल चौहान, धर्मचंद घुघेरा, रतन सिंह सौरोत, राजेश, रामबीर, इंद्र सिंह रावत, अच्छेलाल आदि मौजूद रहे।
आज छाता से आएगी चौपाई पार्टी
यूपी के मथुरा के छाता से लगातार किसान धरने को समर्थन देने पहुंच रहे हैं। महिला किसान भी कई बार धरनास्थल पर कार्यक्रम प्रस्तुत कर चुकी हैं। बृहस्पतिवार को छाता की चौपाई पार्टी अपना कार्यक्रम पेश करेगी।