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25 को धरनास्थल की कमान महिलाओं के हाथों में होगी

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पलवल के अटोहां चौक पर धरना देते किसान। - फोटो : Palwal
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पलवल। केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग के संबंध में चल रहा किसानों का धरना रविवार को भी जारी रहा। इस दौरान धरनास्थल पर महिलाओं की भागेदारी बढ़ाने पर चर्चा की गई। इसके लिए गांवों में अभियान चलाया जा रहा है। मथुरा से महिलाओं की मशहूर भजन पार्टी 25 जून को शामिल होगी। इस दिन धरनास्थल की कमान महिलाओं के हाथों में होगी। गायक सीमा रावत के नेतृत्व में भजन पार्टी कृषि कानूनों के संबंध में सरकार पर कटाक्ष करेगी। किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में चल रहे धरने की अध्यक्षता पंडित नंद किशोर ने की, जबकि संचालन रूपराम तेवतिया ने किया।
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किसान नेता महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि किसान आंदोलन की लोकप्रियता से सरकार बौखला गई है। पिछले सात महीने से किसानों का आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है, फिर भी तानाशाह सरकार की ओर से लगातार किसानों पर बल प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का किसानों से कोई संबंध नही हैं। सरकार गांव, गरीब और किसान विरोधी है। उन्होंने कहा कि 26 जून को संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में ‘लोकतंत्र बचाओ दिवस’ मनाया जाएगा। सात महीने में 500 से अधिक किसान शहीद हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार काले कानून निरस्त करे और न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी का कानून बनाए। धरने को किसान सभा के नेता धर्मचंद घुघेरा, बादल सरोज, राजेंद्र घर्रोट, सुरेश कुमार मथुरा, सुनील कुमार, किशन चंद शर्मा, दरियाब सिंह सौरोत, दिगंबर सिंह छाता, करतार सिंह मढनाका, जयदेव चौहान, इंद्रजीत सिंह चौहान, रोशनलाल अल्लीका, बीर सिंह औरंगाबाद, जगदीश रावत, अच्छेलाल जोधपुर ने संबोधित किया।
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