-जांच में एनसीईआरटी के बजाय निजी प्रकाशकों की किताबें मिलीं
-शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी कर मांगा है स्पष्टीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। जिला प्रशासन के आदेशों को न मानने पर शिक्षा विभाग ने खंड के दस स्कूलों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इन स्कूलों में एनसीईआरटी के स्थान पर प्राइवेट प्रकाशकों की किताबें मिलीं। खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा बनाई गई समिति की रिपोर्ट के बाद यह कार्यवाही की गई है।अब शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
गौरतलब है कि कि सरकार की तरफ से एनसीईआरटी की किताबें लगाने के बारे में सभी स्कूलों को निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद कई स्कूल संचालक निजी प्रकाशकों की किताबों को खरीदने एवं पढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। खंड शिक्षा अधिकारी सगीर अहमद ने बताया कि दस स्कूल संचालकों को निजी प्रकाशकों की किताबें लगवाने के मामले में नोटिस दिया गया है। दो दिनों के भीतर इन्हें जवाब देना होगा।
विभागीय नियमों के अनुसार, निजी प्रकाशकों की किताबें लगवाना गलत है। परेशान अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों की ओर से तय दुकानों से ही किताबें खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है, जिसके चलते उनको पांच हजार से 10 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। शिक्षा विभाग को इस मामले में लगातार शिकायतें मिल रहीं थीं।
इन स्कूलों को जारी किया गया है नोटिस
बांके बिहारी मिडिल स्कूल कलसाडा,सैंट जॉन प्राइमरी स्कूल हथीन,सद्दीकिया पब्लिक स्कूल हथीन,बचपन शाला प्ले स्कूल हथीन,मोडिश पब्लिक स्कूल हथीन,बी एस पब्लिक स्कूल कौंडल ,शांति निकेतन पब्लिक स्कूल हथीन ,सेंट जॉन सीनियर सेकंडरी स्कूल हथीन ,एस आर मेवात पब्लिक स्कूल हथीन एवं एवीएन पब्लिक स्कूल हथीन शामिल है।
शिक्षा विभाग की चेतावनी और सख्ती
केवल एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य, निजी किताबें गैरकानूनी।
10 स्कूलों को नोटिस जारी, दो दिन में देना होगा जवाब।
नियम तोड़ने पर हो सकती है स्कूल की मान्यता रद्द।
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वर्जन
निजी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं वे अपने स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें ही लगवाएं। नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। निजी प्रकाशकों की किताबें लगाने पर दस स्कूलों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
अशोक बघेल, जिला शिक्षा अधिकारी