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पंजाब ही नहीं पूरे देश का किसान है सड़कों पर

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पलवल। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे धरने में शामिल बुंदेलखंड के किसानों ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बयानों की निंदा की है। किसानों का कहना है कि बुंदेलखंड के किसान यहां कड़ाके की ठंड में सड़कों पर पड़े हैं और कृषि मंत्री नकली किसानों के सहारे ग्वालियर में रैली कर रहे हैं। सिर्फ पंजाब के किसान ही नहीं कृषि कानूनों के विरोध में पूरे देश के किसान सड़क पर उतरे हुए हैं।
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केएमपी-केजीपी इंटरचेंज के पास धरने पर बैठे बुंदेलखंड किसान यूनियन के अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा, सुक्खा सिंह, रविदत्त सिंह, सुरेंद्र सिंह सिद्धू व गुरुमीत सिंह ने बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के लोकसभा क्षेत्र के किसान पिछले 15 दिनों से धरने पर बैठे हैं। तोमर ने कृषि कानूनों के समर्थन में बुधवार को ग्वालियर में किसान सम्मेलन किया। किसानों ने रास्ते में रोक कर उन्हें काले झंडे दिखाए और दिल्ली जाकर किसानों से बात करने के लिए कहा। कृषि मंत्री आंदोलन को सिर्फ पंजाब का बता रहे हैं, जबकि पूरे देश का किसान इन कानूनों के विरोध में सड़कों पर अड़ा है। आंदोलन को किसानों सहित देश के 250 से ज्यादा संगठन समर्थन कर रहे हैं।
200 किलो गजक लाए हैं किसान सुरेंद्र सिंह
धरने पर बैठे किसानों को ठंड से बचाने के लिए ग्वालियर से आए किसान सुरेंद्र सिंह अपने घर से 200 किलो गजक लेकर आए हैं। सुरेंद्र सिंह का कहना है कि किसान अपने घर परिवार को छोड़कर 15 दिनों से संघर्ष कर रहे हैं। सरकार मांगे मानने को तैयार नहीं है। किसान कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद ही वापस लौटेंगे।
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जाट जागृति मंच रखेगा सुविधाओं का ख्याल
धरने पर बैठे किसानों की सुविधाओं का जिम्मा जाट जागृति मंच ने संभाल लिया है। मंच की तरफ से लंगर के लिए गैस सिलेंडर फ्री दिए जाएंगे। समिति के सदस्य कृष्ण कुमार, सतेंद्र चौहान, सूरजमल आदि ने बताया कि इलाके के गांवों से रोजाना सब्जी, दूध, लस्सी मंगाकर धरना स्थल पर भेजवाया जाएगा। इस काम के लिए युवाओं की टीमें तैयार की जा रही हैं। आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई के लिए धतीर, दीघोट, मीतरोल, औरंगाबाद, मंडकौला, बडौली, बहरौला, फुलवाड़ी, बामनीखेड़ा, गहलब, कौंडल आदि गांवों से सामान एकत्रित किया जाएगा।
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