संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। कोट गांव निवासी निलंबित ग्राम सचिव बिलाल को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिली। न्यायमूर्ति आलोक जैन ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे पहले जिला एवं सत्र न्यायालय से भी उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। बिलाल के खिलाफ 27 अगस्त को हथीन थाना में ठेकेदार अरशद को बीडीपीओ कार्यालय में मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकीलों ने अग्रिम जमानत देने की मांग की, जबकि पुलिस की ओर से पेश वरिष्ठ उप जिला न्यायवादी (सीनियर डीएजी) स्वाति बत्रा ने याचिका का विरोध किया। उन्होंने आरोपी पर पीड़ित को गंभीर चोट पहुंचाने और उसके खिलाफ हथीन व बहीन थानों में दो मामले दर्ज होने की दलील दी। आरोपी बिलाल पंचायत विकास विभाग में ग्राम सचिव के पद पर कार्यरत था और वर्तमान में नूंह जिले के नगीना में तैनात बताया गया है। मामले के बाद अतिरिक्त उपायुक्त ने उसे निलंबित कर दिया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी 27 अगस्त से फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई बार दबिश दी जा चुकी है। हथीन थाना प्रभारी नरेश कुमार ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।