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गंदगी डालने की जगह ना मिलने से फिर बढ़ने लगी समस्या

Thu, 09 Jun 2016 04:09 PM IST
अमर उजाला, ब्यूरो
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नाले का गंदा पानी। - फोटो : अमर उजाला
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शहर का एकत्र कूड़ा डालने की जगह फिर से बड़ी समस्या के रुप में सामने आ रही है। नगर परिषद प्रशासन द्वारा पिछले काफी समय से गांव मेघपुर में अस्थाई रुप से शहर के कचरे को डलवाया जा रहा था। पिछले दिनों नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने यहां भी गंदगी डालने पर रोक लगा दी है। जिसके चलते शहर एक बार फिर से गंदगी के ढेर में तबदील हो सकता है। वहीं जिला प्रशासन ने शहर के कचरे को पुन्हाना के ठोस कचरा निस्तारण केंद्र में भेजने की योजना तैयार की है। इसके अलावा हथीन को भी विकल्प के रुप में चुना जा सकता है।
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शहर में प्रतिदिन करीब डेढ़ से दो टन कचरा निकलता है। इसे ठिकाने लगाना नगर परिषद प्रशासन के लिए लंबे समय से बड़ी चुनौती रही है। करीब 10 वर्ष पूर्व प्रदेश सरकार ने शहर में ठोस कचरा निस्तारण प्लांट के लिए पांच करोड़ रुपये की राशि भिजवाई थी। लेकिन 10 वर्ष बीतने के बाबजूद परिषद प्रशासन या जिला प्रशासन इसके लिए स्थान नहीं ढूंढ पाया है। तभी से ही वह रकम नगर परिषद के बैंक खाते में जमा है।

कचरा निस्तारण प्लांट पर सवालिया निशान
डीसी अशोक शर्मा ने मंगलवार को एक मुलाकात में शहर में ठोस कचरा निस्तारण प्लांट के बनने पर ही सवालिया निशान लगा दिया। उनके अनुसार प्रदेश के 21 में से 11 जिलों में ही ठोस कचरा निस्तारण केंद्र बने हुए हैं। फरीदाबाद जो कि बहुत पुराना जिला है वहां भी आज तक कचरा निस्तारण प्लांट नहीं बन पाया है। उनके अनुसार पहली बात तो आसानी से जगह ही उपलब्ध नहीं हो पाती है। जगह मिल भी जाए तो इतनी पेचीदगियां हैं कि इसके निर्माण के लिए मंजूरी नहीं मिल पाती है। कचरे से जो प्रदूषण होता है, उसके लिए ही मंजूरी आसानी से नहीं मिल पाती है।
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शहर में सफाई अभियान में तेजी लाई जा रही है। जहां कहीं कचरा जमा होता है, उसे हटवाया जा रहा है। प्रशासन की योजना है कि शहर के कचरे को पुन्हाना स्थित कचरा निस्तारण प्लॉट में भिजवाया जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर ठोस रास्ता निकाला जाएगा।
-अशोक कुमार शर्मा, डीसी, पलवल।
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सफाई कर्मियों की भर्ती अधर में
शहर की बिगड़ती सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए शहर में हुई जनसभा में सीएम मनोहर लाल से 100 सफाई कर्मी भर्ती किए जाने की मांग की गई थी। सीएम ने मांग को मानते हुए तुरंत प्रभाव से कर्मचारी भर्ती करने का आदेश दिया था। लेकिन दो माह का समय बीत जाने के बाबजूद सफाई कर्मचारी भर्ती नहीं किए गए हैं। डीसी अशोक शर्मा के अनुसार अभी तक उनकी मंजूरी नहीं मिली है, शीघ्र ही जरूरत के अनुसार कर्मचारी भर्ती किए जाएंगे। उनके अनुसार भर्ती किए जाने वाले कर्मचारियों में से बडी संख्या में उन्हें कचरे को शहर से बाहर भेजने के कार्य में लगाया जाएगा।
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