खेल विभाग ने जिले में लड़कियों को हॉकी का प्रशिक्षण देने के लिए कोच की नियुक्ति तो कर दी, लेकिन खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई हैं। खेलने के लिए न तो ठीकठाक मैदान है और न ही पानी की सुविधा। खिलाड़ियों का कहना है कि विभाग जल्द से जल्द उन्हें पर्याप्त सुविधायें मुहैया कराये।
बता दें कि जिले में लड़कियों को हॉकी की तरफ आकर्षित करने के लिए खेल विभाग ने हाल ही में एक महिला हॉकी कोच की नियुक्ति की है। कोच की नियुक्ति के बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस खेल स्टेडियम में करीब 50 लड़कियां हॉकी का प्रशिक्षण लेने के लिए आ रही हैं। इनमें 27 के करीब सात से 15 साल आयु वर्ग की हैं, जबकि 23 के करीब सात वर्ष से कम उम्र की हैं।
सबसे खास बात यह है कि ये लड़कियां अपना किराया लगाकर प्रशिक्षण लेने के लिए आती हैं। उसके बाद भी उन्हें पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। न तो पीने के लिए पानी है और न ही खेलने के लिए ठीकठाक मैदान है।
-प्रशिक्षण के दौरान मैदान में बाहरी लोग आ जाते हैं तथा लड़कियों को देखकर कमेंट पास करते हैं। इससे परेशानी होती है।
-कोमल
मैदान ऊंचा-नीचा है इस कारण हॉकी खेलते समय अक्सर गिर जाते हैं। इसकी शिकायत कई बार कर चुके हैं। पानी की भी व्यवस्था नहीं है। कोच बहुत अच्छी है, लेकिन विभाग की तरफ से पर्याप्त सुविधाएं भी मिलनी चाहिए।
-सोनिया
-खेल विभाग की तरफ से हॉकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लड़कियों को खासकर तैयार किया जा रहा है, ताकि जिले में भी लड़कियों की टीम तैयार हो सके। जो लड़कियां प्रशिक्षण ले रही हैं, वे बहुत मेहनत कर रही हैं। कुछ सुविधाओं का वाकई अभाव है, उनके लिए अधिकारियों से कहा गया है।
-ज्योति सैनी, हॉकी कोच।