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Palwal News: केजीपी एक्सप्रेसवे पर सुविधाएं नहीं, लोग परेशान

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28पीएएलपी8- केजीपी एक्सप्रेस वे हुए गड्ढे बने रहे हादसों का कारण।
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पूरी तरह टूटा एक्सप्रेसवे, आए दिन हो रहे हादसे, टोल कर्मियों की मनमानी पड़ रही भारी
नहीं जलती लाइट, अंधेरा छाने से हादसों को मिल रहा बढ़ावा


प्रवीण बैंसला
पलवल। प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट कहे जाने वाले व दिल्ली के बाईपास ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे ( केजीपी) का सफर सुरक्षित नहीं है। भारी भरकम टोल वसूलने के बावजूद भी एक्सप्रेसवे पर चलने वाले वाहन चालकों को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। एक्सप्रेस वे पर हुए बड़े-बड़े गड्ढे लोगों के लिए काल साबित रहे हैं। वाहन चालक हिचकोले खाने को मजबूर हैं। सड़कों पर कहीं गड्ढे हैं तो कहीं मवेशी घूमते रहते हैं। इसके अलावा रात के समय लाइट की व्यवस्था नहीं है। गड्ढों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं, उसके बावजूद टोल कंपनी व सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
दरअसल, दिल्ली बाईपास के रूप में पलवल से गाजियाबाद होते हुए कुंडली-सोनीपत तक 135 किलोमीटर लंबा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे (केजीपी) बनाया गया। 11 हजार करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे का प्रधानमंत्री ने मई 2018 में यूपी के बागपत से शुभारंभ किया। इस दौरान दावा किया गया था कि केजीपी पर सफर पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा। एक्सप्रेसवे पर पशुओं के आगमन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। सोलर एनर्जी से केजीपी रात के समय भी चकाचौंध रहेगा। 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गाड़ियां फर्राटा भर सकेंगी। सफर करते समय गिलास से चाय तक नहीं छलकेगी, परंतु निर्माण के पांच साल बाद आज परिस्थिति बिल्कुल उलट है। एक्सप्रेस वे पूरी तरह से उखड़ गया है। बड़े गड्ढों के कारण आज 120 की स्पीड तो दूर 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से भी वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। एक्सप्रेस पर जगह-जगह अवैध कट बने हुए हैं। पशुओं के झुंड यहां देखे जा सकते हैं। एक्सप्रेस वे रात के समय अंधेरे में डूबा रहता है, जिससे हादसों को बढ़ावा मिल रहा है।
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टोल कंपनी की मनमानी से लोग परेशान
करीब एक साल पहले टोल वसूलने वाली कंपनी को बदल दिया गया। उसके बाद एक्सप्रेस वे की सुविधाएं नदारद हो गईं। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं तथा करीब छह महीने से लाइट भी नहीं जल रही है। टोल कर्मियों द्वारा वाहन चालकों के साथ दुर्व्यवहार यहां आम हो गया है। पिछले दिन टोल प्रबंधक के साथ यहां मारपीट का मामला भी सामने आया था। टोल तो पूरा वसूला जा रहा है, परंतु यहां सुविधा कुछ नहीं है।
केजीपी एक्सप्रेस वे पर मौजूद गड्ढों को बचाने चक्कर में वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। दो दिन पूर्व ही यूपी के जिला बुलंदशहर का एक परिवार गड्ढे के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उनकी कार पलट गई, जिससे एक आठ साल के बच्चे की मौत हो गई। इसके अलावा वाहन पंचर होने पर भी कोई सुविधा नहीं है। सड़क पर वाहन खड़े होने के कारण पीछे से आ रहे वाहन टकरा जाते हैं, जिससे लोग काल का ग्रास बन रहे हैं।
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एक्सप्रेस वे की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। डासना टोल प्वाइंट से पलवल की ओर काम शुरू हो चुका है। सभी अवैध कट को बंद करवाया जा रहा है। मुख्य लाइन में फॉल्ट होने के कारण लाइट नहीं जल पा रही है, जिसे ठीक कराने का काम भी किया जा रहा है। - योगेंद्र पांडेय, टोल प्रबंधक, केजीपी एक्सप्रेसवे
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