एनएच-2 को छह लेन करने के लिए अधिग्रहीत की गई भूमि का मुआवजा बढ़ाकर देने की मांग को लेकर गांव मित्रोल व औरंगाबाद के ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मंगलवार को निर्माण करने वाली कंपनी के कर्मचारियों को मौके से भी खदेड़ दिया। ग्रामीणों को आरोप था कि मामले में काफी धरना प्रदर्शन करने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू करवाई थी, लेकिन अभी तक बढ़ा हुआ मुआवजा नहीं दिया गया है।
ग्रामीण वीरेंद्र चौहान व देशराज चौहान तथा अन्य किसानों ने बताया कि एनएच-2 को छह लेन किए जाने के लिए सड़क के दोनों ओर जो जमीन अधिग्रहण की गई थी। उसका मुआवजा पुराने अवार्ड के अनुसार दिया जा रहा है, जो कि वर्तमान के जमीन मूल्य से बहुत कम है। इसके अलावा गांव के बीच में अंडर पास का भी निर्माण नहीं किया जा रहा है।
ग्रामीणों को सड़क के दूसरी तरफ गांव में जाने के लिए कई किलोमीटर का चक्कर काटकर आना पड़ेगा। मांगों को लेकर पूर्व में भी निर्माण कर रही एलएंडटी कंपनी के सामने काफी दिनों तक प्रदर्शन किया गया था। बाद में प्रशासन ने जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया था, परंतु अभी तक न तो बढ़ा हुआ मुआवजा मिला है और न ही गांव में अंडर पास बनाया जा रहा है। किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक किसानों को बढ़ा हुआ मुआवजा नहीं मिलेगा और अंडर पास नहीं बनाया जाएगा, गांव में काम नहीं चलने दिया जाएगा।