जल घर पंचायतों को सौंपे तो आंदोलन
पलवल। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा से संबंधित हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन की बैठक मंगलवार को जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता ब्रांच सचिव सुरेश चंद ने की। इस दौरान जल घरों को उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला द्वारा ग्राम पंचायतों को सौंपने के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई। साथ ही चेतावनी देकर कहा कि यदि सरकार ने पुनर्विचार नहीं किया तो यूनियन 15 अक्तूबर को पूरे प्रदेश में जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगी
राज्य कमेटी के प्रचार सचिव राकेश तंवर ने कहा कि हरियाणा सरकार जल घरों को पंचायतों के हवाले कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है। वहीं, मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन के जिला प्रधान बीर सिंह सौरोत और संघ के जिला सचिव योगेश शर्मा ने कहा कि पंचायतों के पास न तो उचित प्रबंधन है और न ही बजट की व्यवस्था। ऐसा करने से जल व्यवस्था पूर्ण रूप से चरमरा सकती है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा। पिछली सरकार ने भी वर्ष 2005 में काफी जल घरों को पंचायतों के हवाले किया था। अब वे जल घर भैंसों के तबेले बन चुके हैं। पंचायतों को हस्तांतरित करने से पहले वह जल घर पार्कों से भी सुंदर दिखाई देते थे। उन्होंने बताया कि जल घरों को पंचायतों को सौंपना भी निजीकरण को बढ़ावा देना ही है। इससे काफी नौजवानों को रोजगार से वंचित होना पड़ेगा। एक तरफ मोदी सरकार रेलवे और खदानों जैसे विभागों का निजीकरण कर रही है, वहीं दूसरी ओर हरियाणा सरकार भी पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को पंचायतों के हवाले कर एक तरह से निजीकरण कर रही है। उन्होंने अपील की है कि सरकार इस निर्णय पर पुनर्विचार करे, क्योंकि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग हरियाणा में शुद्ध और साफ पानी देने में प्रथम स्थान पर है। यदि पुनर्विचार नहीं किया तो यूनियन 15 अक्तूबर को पूरे प्रदेश में जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगी। इस अवसर पर ब्रांच कोषाध्यक्ष सतवीर चौहान, श्यामलाल, सतदेव आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।