शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की शाम गांव बाता निवासी 35 वर्षीय लक्ष्मी देवी पत्नी कमल किशोर अपने 10 वर्षीय बेटे दीपचंद के साथ खेतों से चारा लेकर घर लौट रही थी।
गांव जाते समय बाता के निकट आगरा नहर पर बनी नाली के ऊपर से 3-4 फुट पानी बह रहा था। नहर का पानी यमुना नदी में जाकर गिरता है। बाता गांव के निकट नहर पर बनी नाली को पार करते समय 10 वर्षीय दीपचंद अचानक फिसल कर गिर पड़ा और पानी के तेज बहाव में बहने लगा।
अपने बेटे दीपचंद को बचाने के लिए लक्ष्मी भी पानी में कूद गई। पानी के तेज बहाव में दीपचंद के साथ लक्ष्मी भी बहने लगी। लक्ष्मी और दीपचंद दोनों मां-बेटा बहते हुए यमुना नदी में जा पहुंचे। घटना की जानकारी मिलते ही गांव वाले यमुना नदी पर जा पहुंचे।
ग्रामीणों ने गोताखोरों और फायर बिग्रेड की मदद से शनिवार को मां-बेटे के शव को निकाल लिया। घटनास्थल पर पलवल के नायब तहसीलदार कमल सिंह व अन्य अधिकारियों ने पहुंचकर जायजा लिया। गांव वालों ने मांग की कि बाता ड्रेन की इस नाली को ऊपर उठाकर बनाया जाए।
गांव वालों ने बताया कि उन्होंने कई बार इस नाली के विषय में जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग को शिकायत की है, लेकिन उनकी किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने नहीं सुनी। गांव वालों ने इस घटना के लिए सिंचाई विभाग को जिम्मेदार ठहराया है।