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Palwal News: मोहम्मद तारीफ के परिवार का दावा-वह निर्दोष है

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मोहम्मद शाहिद मेवाती
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तावडू। हरियाणा के नूंह जिले के तावडू खंड के कांगरका गांव से पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार मोहम्मद तारीफ के परिवार और चश्मदीद ने उसके निर्दोष होने का दावा किया है। वहीं, पुलिस का दावा है कि तारीफ के मोबाइल से संवेदनशील जानकारी भेजने के सबूत मिले हैं।

तारीफ की पत्नी अफसाना ने बुधवार को बताया कि उनका घर टीन शेड से बना है। अगर वह जासूसी करता और पैसे मिलते तो क्या उसका आलीशान मकान और गाड़ी न होती? अफसाना ने कहा कि तीन साल पहले परिवार पाकिस्तान में एक शादी समारोह में गया था। जहां तारीफ उनके साथ ही रहा और कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं की। तारीफ के बड़े भाई जावेद ने कहा, अगर मेरा भाई दोषी है, तो उसे सख्त सजा मिले, लेकिन हमें यकीन है कि उसने देश के साथ गद्दारी नहीं की। छोटे भाई मीरशेद ने बताया कि उनके दादा के भाई सादिक हुसैन सीआरपीएफ में एसपी थे और देश की सेवा कर चुके हैं। मीरशेद ने कहा कि सीआईए में तारीफ से मुलाकात के दौरान उसने एक अन्य युवक के सामने बताया कि पुलिस ने पिटाई और दबाव डालकर कबूलनामा लिया। गिरफ्तारी के समय मौजूद चश्मदीद कालू ने बताया कि वह और तारीफ पिछले 8 साल से रात को 12-2 बजे तक गोवंश की चोरी रोकने के लिए निगरानी करते थे। 17 मई को जब तारीफ को गिरफ्तार किया गया, तब वे दोनों हुक्का पी रहे थे। कालू ने कहा, दो गाड़ियों में दर्जनभर पुलिसवाले आए और तारीफ को ले गए। वह ऐसा काम नहीं कर सकता। मैं उसकी गवाही देने को तैयार हूं।
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पुलिस का दावा सबूतों के आधार पर कार्रवाई
हरियाणा पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि तारीफ व्हाट्सएप के जरिए भारतीय सेना और हिसार एयरबेस की जानकारी दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारियों आसिफ बलोच और जाफर को भेजता था। उसके मोबाइल से चैट, फोटो, वीडियो और सेना की गतिविधियों से जुड़े सबूत बरामद हुए हैं। तारीफ के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट 1923, और देशद्रोह की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। कानून के जानकार लोगों का कहना है कि तारीफ के मोबाइल डेटा की फॉरेंसिक जांच और चश्मदीद बयानों को शामिल कर पारदर्शी जांच जरूरी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि तारीफ निर्दोष है या दोषी।
फोटो:- गांव में आरोपी तारीफ का मकान और गांव के गौरव पट्ट पर अंकित आरोपी के एक दादा नाम।
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