- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंडलायुक्त और जिला उपायुक्तों के साथ हुई समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
- 91 परियोजनाओं में से ग्राम पंचायतों में सबसे ज्यादा 74 विकास परियोजनाओं को स्वीकृति
- मॉडल इंडस्ट्रियल पार्क बनने से लाखों युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हुई उपायुक्तों की बैठक के बाद जिले को विकास के पंख लगने की उम्मीद बंध गई है। मुख्यमंत्री ने जिले को नई सौगात दी है, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने जिले में मॉडल इंडस्ट्रियल पार्क बनाने की बात कही है। इसके लिए जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ को परियोजना का खाका तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा जिले में 91 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है, इनमें से 74 विकास कार्य पंचायत विभाग के शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने ओलावृष्टि से किसानों के हुए नुकसान के भरपाई के भी निर्देश दिए हैं।
बता दें कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को मंडलायुक्त और जिला उपायुक्तों के साथ चंडीगढ़ में समीक्षा बैठक की। बैठक में जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने सीएम नायब सिंह सैनी के समक्ष जिले के विकास का रोड मैप रखा। उपायुक्त ने बताया कि जिले में पंचायत विभाग के 74 विकास कार्यों की योजना बनाई गई है। इसके अलावा अन्य विभागों के 17 कामों की सूची तैयार की गई है। इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह ने सभी कार्यों को मंजूरी प्रदान की। मुख्यमंत्री ने जिले में मॉडल इंडस्ट्रियल पार्क बनाए जाने की स्वीकृति दी। उन्होंने मेट्रो का कार्य जल्द शुरू करने के लिए कहा। इसके अलावा पेलक में बनने वाले मेडिकल कॉलेज, खेल गांव, क्लीन सिटी, सेम की समस्या का समाधान और ऑडिटोरियम की आधारशिला जैसे विकास की आधारशिला रखने पर चर्चा की।
समीक्षा बैठक में सीएम नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए कि आम जनता से जुड़े कार्यों की जल्द आधारशिला रखी जाए और उन्हें निर्धारित समय पर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया जाए। जनसंपर्क बढ़ाने के लिए जनता से संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए। कार्यालय, कैंप कार्यालयों के अलावा गांवों में एक रात गुजारने, जनता से मिलने और उनकी समस्याएं जानने के बाद समाधान करने की बात कही। गांवों की समस्या के समाधान के लिए हर सप्ताह समन्वय बैठक करने के निर्देश दिए। विकास योजनाओं का खाका कार्यालय में बैठकर बनाने की बजाय ग्रामीणों से बात करके बनाने के निर्देश दिए गए।
इन विकास कार्यों व योजनाओं पर हुई चर्चा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हसनपुर में यमुना नदी पर बनाए जा रहे पुल, सिंचाई के लिए रजवाहों की सफाई करवाने, घुघेरा गांव में खेल स्टेडियम, इंडस्ट्रियल सेक्टर में बिजली, पीने का पानी व सभी रास्तों को पक्का करने के कार्यों पर भी स्वीकृति प्रदान की। इनके अलावा भूजल स्तर में सुधार लाने, महाग्राम योजना का पूरा करने, साफ-सुथरी सड़के बनाने व निर्माणाधीन सड़कों का कार्य समय पर पूरे करने की बात कही। पलवल शहर में अमृत जल योजना का कार्य भी शीघ्र पूरा करने की बात कही गई।
ग्राम पंचायतों में सबसे ज्यादा 74 विकास परियोजनाओं को स्वीकृति
विकास परियोजनाओं में सबसे ज्यादा काम ग्राम पंचायतों के शामिल किए गए हैं। इनमें गांवों में सार्वजनिक भवन, बारात घर, पशु अस्पताल, उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल किए गए हैं। इनके अलावा गांवों में खेल सुविधाओं को बढ़ावा देना भी इन योजनाओं में शामिल है। गांवों में जल संरक्षण के लिए स्रोतों का निर्माण करने, हर घर जल योजना को कारगर करने के भी निर्देश दिए गए।
मॉडल इंडस्ट्रियल पार्क में उद्यमियों को मिलती हैं ये सुविधाएं
मॉडल इंडस्ट्रियल पार्क औद्योगिक गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिए बनाए गए क्षेत्रों को कहते हैं। इसके लिए शहर के एक बड़े हिस्से को औद्योगिक उपयोग के लिए आरक्षित किया जाता है। इनमें पूर्व-निर्मित औद्योगिक सुविधाएं होती हैं, जिनमें व्यवसायों को तुरंत परिचालन शुरू करने की अनुमति मिलती है। इनमें तेल रिफाइनरियां, वितरण केंद्र, गोदाम व कारखाने होते हैं। यहां परिवहन सुविधाएं और बुनियादी ढांचा सुदृढ़ होता है। इनमें बेहतर संचार, कुशल श्रम तक पहुंच और अनुकूलित सुविधाएं होती हैं। ये आर्थिक लाभ चाहने वाली फर्मों को आकर्षित करते हैं। ये ज्यादातर तेजी से बनाए गए एक जैसे स्टील शेड होते हैं। जिले में मॉडल इंडस्ट्रियल पार्क बनाने की योजना यदि सिरे चढ़ जाती है तो जिले में रोजगार व विकास के अवसर सुदृढ़ हो जाएंगे। जिले के लाखों युवकों को रोजगार मिलेगा। इंडस्ट्रियल की पढ़ाई करने वाले युवाओं को नौकरी के लिए दूसरे जिलों व राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में जिले में मॉडल इंडस्ट्रियल पार्क के निर्माण को लेकर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अपनी ओर से स्वीकृति दे दी है। जल्द ही इसका रोड मैप तैयार कर सीएम को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके अलावा 91 विकास परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनका जल्द से जल्द खाका तैयार कर कार्य शुरू किया जाएगा। - डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ, जिला उपायुक्त पलवल