नूंह। भारतीय जनता पार्टी की नई प्रदेश कार्यकारिणी में मेवात (नूंह) को महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं में निराशा का माहौल है। प्रदेश संगठन में जिले के किसी भी वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक या लंबे समय से पार्टी के लिए कार्य कर रहे पदाधिकारी को स्थान नहीं मिलने से राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
मेवात को भाजपा लगातार राजनीतिक और संगठनात्मक रूप से मजबूत करने का दावा करती रही है। मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और प्रदेश के बड़े नेताओं की ओर से समय-समय पर क्षेत्र में विकास योजनाओं और संगठन विस्तार की बातें भी कही जाती रही हैं। इसके बावजूद प्रदेश कार्यकारिणी में जिले का नाम न होना स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को अखर रहा है।
जिले के कई वरिष्ठ नेताओं और पूर्व विधायकों को इस बार प्रदेश कार्यकारिणी में जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद थी। संगठन में लंबे समय से सक्रिय नेताओं के समर्थक भी इसे लेकर आशान्वित थे, लेकिन सूची जारी होने के बाद सभी उम्मीदों पर पानी फिर गया। इससे कार्यकर्ताओं में निराशा साफ दिखाई दे रही है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मेवात जैसे राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जिले को संगठन में उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए था। प्रदेश कार्यकारिणी में किसी स्थानीय चेहरे को शामिल करने से न केवल संगठन को मजबूती मिलती, बल्कि क्षेत्र के कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बढ़ता।
भाजपा का नारा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास लंबे समय से पार्टी की पहचान रहा है। ऐसे में प्रदेश कार्यकारिणी में मेवात को प्रतिनिधित्व नहीं मिलने पर विपक्ष को भी सवाल उठाने का मौका मिल सकता है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या भाजपा आगामी संगठनात्मक विस्तार या अन्य राजनीतिक नियुक्तियों में मेवात को उचित भागीदारी देती है या फिर यह उपेक्षा आगे भी जारी रहती है।