मेट्रो विस्तार की योजना को केंद्र सरकार से मिली मंजूरी- 4320 करोड़ की लागत से बनेगा आधुनिक मेट्रो कॉरिडोर, साल 2028 तक मेट्रो के पलवल पहुंचने की संभावना
सचिन कुमार-संवाद न्यूज एजेंसीपलवल। दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए राहतभरी खबर है। लंबे इंतजार के बाद बल्लभगढ़ से पलवल तक मेट्रो विस्तार की योजना को आखिरकार केंद्र सरकार के शहरी विकास एवं आवासन मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। अब इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट के धरातल पर उतरने की राह साफ हो गई है। इस परियोजना की टेक्नो-फिजिबिलिटी सर्वे के लिए जिम्मा राइट्स को सौंप दिया है। रिपोर्ट आने के बाद स्टेशन की संख्या और रूट में कुछ परिवर्तन संभव हैं।
करीब 24 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक पर 10 से अधिक मेट्रो स्टेशन बनाए जाने की योजना है, जबकि इसकी कुल अनुमानित लागत 4320 करोड़ रुपये रखी गई है। इस परियोजना को तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। पूरा कार्य हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की देखरेख में होगा। पलवल मेट्रो विस्तार की घोषणा वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की थी। अब यह योजना उसी नेता के मंत्रालय में नई गति पकड़ चुकी है, क्योंकि मनोहर लाल वर्तमान में केंद्रीय शहरी विकास एवं आवासन मंत्री हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी दिल्ली में उनसे मुलाकात कर परियोजना पर विस्तार से चर्चा की थी। इस बैठक के कुछ ही दिनों बाद केंद्र की ओर से मंजूरी मिलने को इसे अहम प्रगति माना जा रहा है।
प्रस्तावित मेट्रो लाइन बल्लभगढ़ स्थित राजा नाहर सिंह स्टेशन से पलवल बस स्टैंड तक जाएगी। रास्ते में सेक्टर 58-59, सीकरी, सोफता, पृथला, बघौला और आल्हापुर जैसे इलाकों में स्टेशन प्रस्तावित हैं। यह पूरा ट्रैक एलिवेटेड कॉरिडोर के रूप में तैयार किया जाएगा, जिससे ट्रैफिक पर दबाव नहीं पड़ेगा और शहर की सड़कों पर जाम की समस्या में भी बड़ी राहत मिलेगी। इस मेट्रो विस्तार से दिल्ली, फरीदाबाद और पलवल के बीच आवागमन बेहद आसान हो जाएगा। रोजाना हजारों लोग जो कामकाज या पढ़ाई के लिए दिल्ली-फरीदाबाद तक सफर करते हैं, उन्हें यह मेट्रो लाइन समय और खर्च दोनों में बचत कराएगी। साथ ही यह पलवल के आर्थिक विकास को भी गति देगी क्योंकि आसपास के इलाकों में नई व्यापारिक गतिविधियां और रिहायशी योजनाएं बढ़ेंगी।
अभी डीपीआर की प्रक्रिया जारी
पलवल के उपायुक्त हरीश कुमार वशिष्ठ के अनुसार, फिलहाल परियोजना की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। राइट्स को यह कार्य सौंपा हैं जो तकनीकी और आर्थिक दृष्टि से परियोजना की व्यवहार्यता तय करेगी। रिपोर्ट तैयार होने के बाद केंद्र से वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
तीन साल में बदल जाएगी तस्वीर
अगर सब कुछ तय समय पर हुआ तो साल 2028 तक मेट्रो पलवल पहुंच जाएगी। इससे न केवल यात्रा सुगम होगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार, व्यापार और निवेश के नए अवसर खुलेंगे। फरीदाबाद-पलवल के बीच इस परियोजना को एनसीआर के दक्षिणी हिस्से के विकास की रीढ़ के रूप में देखा जा रहा है। पलवल के लोगों के लिए यह खबर एक लंबे इंतजार का सुखद अंत है। अब मेट्रो का सफर उनके दरवाजे तक पहुंचने वाला है।