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Palwal News: सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की तैयारी, 15 जून को नहरी भूमि की पैमाईश

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सिंचाई विभाग ने प्रशासन से ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने की मांग की
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गुरुदत्त भारद्वाज
पुन्हाना। शहर में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की करोड़ों रुपये की नहरी भूमि पर हुए कथित अतिक्रमण को लेकर विभाग ने कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी है। विभाग की ओर से 15 जून को भूमि की निशानदेही और कंप्यूटर पैमाइश कराई जाएगी। इसके लिए सिंचाई विभाग ने प्रशासन से ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने की मांग की है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पुन्हाना स्थित निरीक्षण भवन के आसपास तथा खसरा नंबर 52, 53, 54 और 55 की भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जों की शिकायतें मिल रही हैं। विभाग का दावा है कि उसकी स्वामित्व वाली जमीन पर मकान, दुकानें, शोरूम आदि का निर्माण कर अतिक्रमण किया गया है। भूमि की सुरक्षा के लिए यहां बाउंड्री वॉल निर्माण की भी योजना तैयार की गई है।
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सहायक अभियंता तृतीय (पलवल) अपर खंड आगरा नहर, मथुरा द्वारा उपमंडल अधिकारी (नागरिक) पुन्हाना को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि पैमाइश के दौरान कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। विभाग ने इस संबंध में उपायुक्त नूंह, पुलिस अधीक्षक नूंह, थाना प्रभारी पुन्हाना सिटी समेत अन्य संबंधित अधिकारियों को भी पत्र की प्रतिलिपि भेजी है।
उधर, भूमि की पैमाइश और निशानदेही की प्रक्रिया शुरू होने से क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि 15 जून को होने वाली कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि सरकारी भूमि पर कितना अतिक्रमण हुआ है।
तीन दशक में मिट गया नहर का वजूद

अतिक्रमण का मामला वर्षों पुराना बताया जा रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार पुन्हाना स्थित नहरी भूमि के करीब 37 एकड़ पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। कभी सिंचाई और जल आपूर्ति का प्रमुख स्रोत रही पुन्हाना की नहर आज अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रही है। करीब तीन दशक पहले तक इस नहर में नियमित रूप से पानी बहता था, लेकिन उपेक्षा व अतिक्रमण के कारण यह दो फीट के नाले में तब्दील हो चुकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले दिनों भी करीब 2 हजार फीट सरकारी भूमि पर किए गए कब्जे की शिकायत प्रशासन को दी गई थी, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
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कोट
15 जून को पैमाइश कराकर अतिक्रमण हटाया जाएगा। इसके लिए स्थानीय प्रशासन से ड्यूटी मजिस्ट्रेट व पुलिस बल की मांग की गई है। पैमाइश के बाद सिंचाई विभाग की जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाएगा। -नागेन्द्र सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश
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