पलवल। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग चल रहा किसानों का धरना जारी रहा। शनिवार को किसान विकास मंच महाराष्ट्र के नेतृत्व में अकोला से महिलाओं का जत्था धरने में शामिल हुआ। पूरे दिन केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी चलती रही। इस दौरान सभी ने चेतावनी दी कि कानून वापसी के बिना कोई भी वापस नहीं लौटेगा।
महाराष्ट्र से आई महिलाओं ने कहा कि सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है। किसानों की मर्जी के खिलाफ जबरदस्ती कृषि कानूनों को थोप रही है। इन कानूनों से किसानों की जगह पूंजीपतियों का फायदा है। महाराष्ट्र से आने वाली महिलाओं ने सुनीता धीरंधर, मनीषा मोहले, स्वाति पारसकर, वंदना आदि रहीं।
2 दिसंबर से चल रहा केजीपी-केएमपी इंटरचेंज चल रहे धरने में लगातार पूरे देश के किसान पहुंच रहे हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, गुजरात व महाराष्ट्र के साथ-साथ अब छत्तीसगढ़ के किसान भी धरने में शामिल हो गए हैं। क्षेत्रीय किसानों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है। शनिवार को धरने की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के रायगढ़ निवासी नवाब जिलानी व संचालन केपी सिंह ने किया। अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा छत्तीसगढ़ के राज्य सचिव तेजराम विद्रोही ने कहा कि प्रदेश में खेती बचाओ आंदोलन चलाया हुआ है। प्रशासन उनसे पूछता है कि आपसे पास खाना कहां से आ रहा है। उन्होंने कहा कि किसान पूरे देश का पेट भर रहा है तो अपना पेट नहीं भर सकता। सत्ता में आने से पहले भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार खत्म करने, काला धन वापस लाने, विकास करने, स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू करने का विश्वास दिलाया था और आज पूंजीपतियों की कठपुतली बनकर किसानों की जमीन छीनने का कानून बना दिया। इस मौके पर चौहान पाल के पंच जयनारायण चौहान, रतन सिंह सौरोत, महेंद्र सिंह चौहान, ज्ञान सिंह चौहान, ऋषिपाल, राहुल तंवर, रणधीर चौहान, मूलचंद सहित अन्य ने संबोधित किया।
वहीं धरना स्थल पर किसानों के लिए वाटर प्रूफ तंबू उपलब्ध करवाने वाली संस्था संगत ऐड यूके के सदस्य सरदान रणधीर सिंह शनिवार को पलवल धरने में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि उनकी संस्था किसानों के साथ है। आंदोलन के दौरान किसानों को कोई भी परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
औरंगाबाद के किसानों ने की भूख हड़ताल
शनिवार को भी किसानों की भूख हड़ताल जारी रही। इसमें चौहान पाल औरंगाबाद गांव निवासी मेवाराम पहलवान, रतन सिंह, अशोक, अतर सिंह, हरी, तेजपाल, ठाकुरलाल आर्य, चंदर, महेंद्र हकीम, श्रीचंद महाशय आदि शामिल रहे।
छत्तीसगढ़ से ट्रकों से पहुंचा किसानों का जत्था
शनिवार को छत्तीसगढ़ से किसान मजदूर महासंघ के बैनर तले ट्रकों से किसान पलवल पहुंचे। इसमें महिला किसान भी शामिल थीं। वे जुलूस के रूप में धरने में शामिल हुए। सभी ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कृषि कानून वापसी की मांग की। इसमें सोनू पुरोहित, भारत सिंह, सुमन नरगाम, प्रभुराम सिन्हा, प्रेमलाल साहू, शंकूराम आदि मौजूद रहे।
पटियाला की संस्था ने किया दवाओं का वितरण
पटियाला की सरवत का भला संस्था के तत्वावधान में धरना स्थल पर डिस्पेंसरी शुरू की गई है। बाबा बलबीर सिंह के नेतृत्व में किसानों को दवाएं दी जा रही हैं। बीएमएस सुखबीर कौर किसानों को दवाइयां दे रही हैं। कुलदीप भी उनका साथ दे रहे हैं। यहां पर किसानों के खांसी, जुकाम, बुखार, उल्टी, दस्त, चक्कर आना, सिर दर्द, बदन दर्द सहित अन्य बीमारियों की दवाइयां दी जा रही है।
आईआईटी दिल्ली के पूर्व प्रोफेसर ने किया जागरूक
आईआईटी दिल्ली में 35 सालों तक फिजिक्स के प्रोफेसर रहे विपिन कुमार त्रिपाठी ने शनिवार को पर्चे बांटकर किसानों को जागरूक किया। मूलरूप से यूपी के जिला ललितपुर झांसी निवासी विपिन कुमार ने कहा कि किसान अभी भी नहीं जागा बहुत देर हो जाएगी। सरकार पूंजीपतियों की पूंजी खेत में लगवाना चाहती है। किसान व मजदूर के बिना कोई भी पूंजीपति कारखाना नहीं चला सकता है। कच्चा माल किसान ही उपलब्ध करवाता है। मजदूर दिन रात काम करके कारखानों को चलाने का काम करते हैं।
राजमार्ग पर लगा जाम
शनिवार दोपहर को धरना स्थल पर गलत दिशा में वाहनों के चलने की वजह से जाम लगा रहा। धरना स्थल पर यातायात को एक लेन में चलाया जा रहा है। ऐसे में सामने से कोई वाहन आता है तो जाम लग जाता है। पुलिस को जाम खुलवाने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा।